ऑस्ट्रेलिया में टैक्स चोरी और बकाया वसूली को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। ऑस्ट्रेलियन टैक्सेशन ऑफिस (ATO) ने बताया है कि देशभर में कुल 50 अरब डॉलर का टैक्स बकाया है। टैक्स कमिश्नर रॉब हेफरन ने साफ कहा है कि अब विभाग “और कड़ा रुख” अपनाएगा और बड़े टैक्स डिफॉल्टर किसी भी हाल में नहीं बच पाएंगे।
ATO के अनुसार सिर्फ 22,000 टैक्सपेयर्स पर ही करीब 11 अरब डॉलर का बकाया है। यानी यह कुल डेब्ट का 20% है और यह केवल 1% डिफॉल्टर हैं। इन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कमिश्नर हेफरन ने कहा कि यह बकाया कोई विवादित राशि नहीं है, बल्कि अधिकतर रकम टैक्सपेयर्स ने खुद ही रिपोर्ट की है। इसमें बड़ी मात्रा उन पैसों की है जिन्हें कर्मचारियों की सैलरी से या उपभोक्ताओं से जीएसटी के तौर पर वसूला गया, लेकिन सरकार को जमा नहीं कराया गया।
विभाग अब इन बकायेदारों से पैसा वसूलने के लिए हर संभव कानूनी तरीका अपनाएगा। इसमें स्टैच्यूटरी डिमांड, विंड-अप प्रोसेस, डायरेक्टर पेनल्टी नोटिस, गार्निशी नोटिस और डिपार्चर प्रोहिबिशन ऑर्डर तक जारी किए जाएंगे।
हेफरन ने सख्त लहजे में कहा –
“सरकार किसी का स्की ट्रिप या निजी ऐशो-आराम टैक्स चोरी से फंड नहीं करेगी।”
इस बीच, टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर करीब है। अभी तक केवल 6.1 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई ही रिटर्न दाखिल कर पाए हैं। 24 अगस्त तक विभाग ने 4.5 मिलियन रिफंड जारी किए हैं, जिनकी कुल राशि 12 अरब डॉलर है। औसतन हर टैक्सपेयर को 2639 डॉलर का रिफंड मिला है।