मध्य पूर्व संकट: 14 हजार से अधिक उड़ानें रद्द, लाखों यात्री फंसे

मध्य पूर्व संकट: 14 हजार से अधिक उड़ानें रद्द, लाखों यात्री फंसे

 मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब वैश्विक हवाई यातायात पर साफ दिखाई देने लगा है। 28 फरवरी को ईरान पर हुए हमलों के बाद से क्षेत्र के कई देशों में सुरक्षा कारणों से हवाई क्षेत्र बार-बार बंद किए जा रहे हैं। इसके चलते अब तक लगभग 14,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हो चुकी हैं, जिससे लाखों यात्री विभिन्न हवाई अड्डों पर फंस गए हैं।

एविएशन ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइटराडार24 के आंकड़ों के अनुसार, मध्य पूर्व के करीब 10 देशों में सुरक्षा अलर्ट के चलते उड़ानों का संचालन गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। कई देशों ने एहतियात के तौर पर अपने एयरस्पेस को आंशिक या पूर्ण रूप से बंद कर दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का शेड्यूल पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

इस संकट का सबसे ज्यादा असर दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर देखने को मिला है, जो दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक माना जाता है। यहां उड़ानों के संचालन में करीब 85 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। इसके अलावा दोहा (कतर) से लगभग 94 प्रतिशत और शारजाह से करीब 90 प्रतिशत उड़ानें रद्द होने की खबर है, जिसके कारण खाड़ी देशों का वैश्विक संपर्क काफी हद तक प्रभावित हो गया है।

हवाई यातायात में आई इस भारी बाधा के चलते लाखों अंतरराष्ट्रीय यात्री एयरपोर्ट्स पर फंसे हुए हैं। कई यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों का इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि कुछ को दूसरे देशों के रास्ते लंबा सफर तय करना पड़ रहा है।

इस बीच, अमेरिकी प्रशासन ने बताया कि 28 फरवरी के बाद से अब तक लगभग 17,500 अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। कई अन्य देशों ने भी अपने नागरिकों को निकालने के लिए विशेष उड़ानों और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था शुरू कर दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में तनाव जल्द कम नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में वैश्विक विमानन उद्योग को और अधिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।