रॉयल ऑस्ट्रेलेशियन कॉलेज ऑफ फिज़ीशियंस में उथल-पुथल, नए नेतृत्व ने जताई अस्तित्व पर चिंता

रॉयल ऑस्ट्रेलेशियन कॉलेज ऑफ फिज़ीशियंस में उथल-पुथल, नए नेतृत्व ने जताई अस्तित्व पर चिंता

सिडनी। ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख चिकित्सा संस्थाओं में से एक, Royal Australasian College of Physicians (RACP), इन दिनों गंभीर विवादों और आंतरिक कलह से जूझ रही है। कॉलेज के भीतर कथित बुलिंग (उत्पीड़न) और कुप्रबंधन के आरोपों ने संस्था की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कॉलेज की नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. शर्मिला चंद्रन ने संकेत दिया है कि यदि हालात में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो संस्था के दीर्घकालिक अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब कॉलेज पिछले कई महीनों से प्रशासनिक अव्यवस्था और नेतृत्व संकट से गुजर रहा है।

आंतरिक माहौल पर गंभीर सवाल

सूत्रों के अनुसार, कॉलेज के भीतर कार्यसंस्कृति को लेकर कई सदस्यों और कर्मचारियों ने असंतोष जताया है। आरोप हैं कि कुछ वरिष्ठ स्तरों पर अनुचित व्यवहार और निर्णय लेने की पारदर्शिता की कमी रही है। इन मुद्दों ने संगठन की कार्यप्रणाली और विश्वसनीयता को प्रभावित किया है।

मौजूदा अध्यक्ष प्रोफेसर जेनिफर मार्टिन के कार्यकाल में भी इन चुनौतियों को लेकर चर्चाएं तेज रहीं। हालांकि, कॉलेज प्रशासन का कहना है कि सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं और संस्था को पुनः पटरी पर लाने के लिए ठोस रणनीति तैयार की जा रही है।

सुधार और पुनर्गठन की तैयारी

डॉ. चंद्रन ने अपने बयान में कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए शासन व्यवस्था (गवर्नेंस) में सुधार, पारदर्शिता बढ़ाने और सदस्यों के विश्वास को बहाल करने पर प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कॉलेज की प्रतिष्ठा और चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

RACP ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में हजारों चिकित्सकों का प्रतिनिधित्व करता है और चिकित्सा प्रशिक्षण व मानकों के निर्धारण में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में इस तरह के विवाद स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए भी चिंता का विषय बन गए हैं।

भविष्य की राह

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नेतृत्व ठोस और पारदर्शी कदम उठाता है, तो संस्था इस संकट से उबर सकती है। लेकिन आंतरिक मतभेद और भरोसे की कमी को दूर करना आसान नहीं होगा।

अब सबकी नजर नए नेतृत्व पर टिकी है, जो यह तय करेगा कि यह ऐतिहासिक चिकित्सा संस्था अपनी साख और स्थिरता को किस तरह बहाल करती है।