बच्चों का चौंकाने वाला खुलासा: स्क्रीन टाइम से ज्यादा परिवार संग वक्त बिताना पसंद

बच्चों का चौंकाने वाला खुलासा: स्क्रीन टाइम से ज्यादा परिवार संग वक्त बिताना पसंद

आज के डिजिटल युग में जहाँ माता-पिता मानते हैं कि बच्चे मोबाइल, गेम्स और सोशल मीडिया के बिना एक पल नहीं रह सकते, वहीं एक हालिया सर्वेक्षण ने सबको हैरान कर दिया है। बच्चों ने साफ कहा है कि वे स्क्रीन टाइम से अधिक अपने परिवार के साथ समय बिताना पसंद करते हैं।

बच्चों का ‘अनपेक्षित फैसला’

ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया प्रतिबंध लगाने की चर्चा जारी है। इसी बीच किए गए सर्वे में सामने आया कि अधिकांश बच्चों के लिए परिवार संग वक्त बिताना कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। बच्चों का मानना है कि माँ-बाप के साथ बातचीत, साथ में खाना खाना या खेलकूद करना मोबाइल पर स्क्रॉलिंग से कहीं ज्यादा मज़ेदार और सुकून भरा है।

माता-पिता के लिए ‘चेतावनी और सबक’

यह नतीजा माता-पिता के लिए किसी झटके से कम नहीं है। अक्सर शिकायत रहती है कि बच्चे मोबाइल छोड़ने को तैयार नहीं होते, लेकिन हकीकत यह है कि अगर उन्हें विकल्प मिले तो वे परिवार को प्राथमिकता देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि माता-पिता को चाहिए कि वे केवल स्क्रीन टाइम घटाने की कोशिश न करें, बल्कि बच्चों के साथ मिलकर अच्छा समय बिताएँ—जैसे सामूहिक खेल, बातचीत और कहानियाँ।

विशेषज्ञों की राय

शैक्षिक मनोविज्ञानी मानते हैं कि पारिवारिक जुड़ाव बच्चों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए बेहद अहम है।

“यह परिणाम बताता है कि बच्चे तकनीक में खोए रहना नहीं चाहते, उन्हें केवल परिवार का साथ चाहिए। जब माता-पिता उनके साथ सक्रिय रूप से जुड़ते हैं, तो बच्चे स्वाभाविक रूप से स्क्रीन से दूर रहते हैं।” — विशेषज्ञ

सामाजिक बदलाव का संकेत

सरकार द्वारा प्रस्तावित सोशल मीडिया प्रतिबंध के बीच यह निष्कर्ष राहत की खबर है। यह बताता है कि अगली पीढ़ी मानवीय रिश्तों को तकनीक से ऊपर रखना चाहती है। ऐसे में यह जरूरी है कि समाज बच्चों को मोबाइल की दुनिया से निकालकर वास्तविक अनुभवों और रिश्तों से जोड़ने का प्रयास करे।