भागवत के भाषण सुनने लोग डर से पहुंचे थे—राज ठाकरे का RSS पर हमला

भागवत के भाषण सुनने लोग डर से पहुंचे थे—राज ठाकरे का RSS पर हमला

मुंबई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी समारोह को लेकर संघ प्रमुख मोहन भागवत पर तीखा हमला बोला है। राज ठाकरे ने दावा किया कि समारोह में भागवत का भाषण सुनने पहुंचे लोगों में उत्साह नहीं, बल्कि डर की भावना अधिक थी।

राज ठाकरे ने कहा कि आज की स्थिति में लोग स्वेच्छा से नहीं, बल्कि दबाव और भय के कारण ऐसे आयोजनों में शामिल होते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर संघ की विचारधारा इतनी प्रभावशाली है, तो लोगों को डर के साए में बुलाने की जरूरत क्यों पड़ती है।

मनसे प्रमुख ने भाषाई अस्मिता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि महाराष्ट्र में मराठी भाषा और संस्कृति को लगातार कमजोर किया जा रहा है, जबकि संघ जैसे संगठन इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संघ राष्ट्रवाद की बात तो करता है, लेकिन स्थानीय भाषाओं और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाता।

राज ठाकरे ने यह भी कहा कि शताब्दी जैसे बड़े अवसर पर देश को जोड़ने वाले मुद्दों पर बात होनी चाहिए थी, लेकिन भाषण में ज़मीनी सच्चाइयों से दूरी नजर आई। उनके इस बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट आ गई है।