कैनबरा, 6 सितम्बर 2025 — ऑस्ट्रेलिया के लाखों लोगों के लिए सरकारी भुगतानों का तरीका आज से बदल गया है। यदि आप Centrelink, Medicare, Child Support या टैक्स जैसी सेवाओं से जुड़े भुगतान अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड से करते हैं, तो अब आपको अतिरिक्त जानकारी देनी पड़ सकती है।
यह बदलाव इसलिए हुआ है क्योंकि Reserve Bank of Australia (RBA) ने Government EasyPay नामक कार्ड पेमेंट प्रणाली का नया संस्करण लागू कर दिया है। इस प्रणाली का इस्तेमाल कई बड़े सरकारी विभाग करते हैं, जिनमें Services Australia, Australian Taxation Office (ATO), Department of Treasury और Department of Defence शामिल हैं।
यह एक सरकारी ऑनलाइन भुगतान प्रणाली है जिसके ज़रिये लोग टैक्स की किस्तें, चाइल्ड सपोर्ट पेमेंट, FOI (सूचना का अधिकार) की फीस और अन्य चार्जेस भरते हैं। अब तक यह प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल थी, लेकिन आज से इसमें सुरक्षा उपायों को और सख़्त कर दिया गया है।
अब जब कोई व्यक्ति कार्ड से भुगतान करेगा, तो उसके सामने दो में से एक अतिरिक्त शर्त आ सकती है:
वन-टाइम पासवर्ड (OTP):
पहली बार भुगतान करते समय आपके मोबाइल फोन या ईमेल पर एक कोड भेजा जाएगा। इस कोड को डालने के बाद ही भुगतान पूरा होगा।
व्यक्तिगत विवरण:
अगर कोड नहीं मांगा गया तो आपको अपनी पहचान की पुष्टि करने के लिए कुछ व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करनी पड़ सकती है। ये वही जानकारी होगी जो पहले से Services Australia के रिकॉर्ड में सुरक्षित है।
सर्विसेज़ ऑस्ट्रेलिया के जनरल मैनेजर हैंक जोंगन ने बताया कि यह बदलाव ग्राहकों की सुरक्षा को देखते हुए किया गया है।
उनका कहना है:
“यह बदलाव सुरक्षा को मजबूत करेगा और हमारे ग्राहकों को ऑनलाइन डेबिट और क्रेडिट कार्ड ट्रांज़ैक्शन धोखाधड़ी से बचाएगा।”
दरअसल, हाल के वर्षों में ऑनलाइन धोखाधड़ी और फिशिंग के मामलों में वृद्धि हुई है। ऐसे में सरकार ने यह निर्णय लिया कि Government EasyPay को आधुनिक और अधिक सुरक्षित बनाया जाए।
इस बदलाव का असर सीधा उन लोगों पर पड़ेगा जो:
Centrelink के ज़रिये सरकारी भत्ते या योजनाओं से जुड़े भुगतान करते हैं।
ATO को टैक्स किस्तों का भुगतान करते हैं।
Treasury और Defence विभागों से जुड़े शुल्क या फीस का भुगतान करते हैं।
लोगों को सिर्फ़ पहली बार भुगतान करते समय यह अतिरिक्त प्रक्रिया पूरी करनी होगी। एक बार पहचान सत्यापित हो जाने पर अगली बार से भुगतान सामान्य रूप से आसान रहेगा।
इस कदम से जहां आम जनता को शुरू में थोड़ा अतिरिक्त समय देना होगा, वहीं लंबी अवधि में यह बदलाव ऑनलाइन धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने और सरकारी लेन-देन को सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।