100 दिन का परिवर्तन एजेंडा: भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की ओर

100 दिन का परिवर्तन एजेंडा: भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की ओर

नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने अगले 100 दिनों के भीतर भारत को विकसित राष्ट्र की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए एक परिवर्तनकारी एजेंडा लागू करने की घोषणा की है। इस एजेंडे के तहत जीवन एवं व्यवसाय की सुगमता बढ़ाने, नियम-कानूनों को सरल बनाने और नई पीढ़ी के सुधारों (Next Generation Reforms) की शुरुआत पर ज़ोर दिया जाएगा।


प्रधानमंत्री की बैठक और विज़न 2047

सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों के साथ बैठक कर सुधारों के रोडमैप पर चर्चा की। बैठक के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा—
"हम सभी क्षेत्रों में त्वरित सुधारों के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे Ease of Living, Ease of Doing Business और देश की समृद्धि को नया आयाम मिलेगा।"

79वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से पीएम मोदी ने घोषणा की थी कि "नेक्स्ट जनरेशन रिफॉर्म्स" के लिए एक विशेष टास्क फोर्स गठित की गई है। यह टास्क फोर्स वर्तमान नीतियों, कानूनों और व्यवस्थाओं को 21वीं सदी और वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालने का काम करेगी।


वाणिज्य मंत्री का बड़ा बयान

लोकमत वैश्विक आर्थिक सम्मेलन में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा—
"भारत अगले 100 दिनों में तेज़ गति से परिवर्तनकारी सुधार लागू करेगा। प्रधानमंत्री के पंच प्रण (Five Pledges) को साकार करने के लिए सभी नागरिकों को योगदान देना होगा, ताकि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाया जा सके।"

गोयल ने यह भी कहा कि आज भारत वैश्विक समुदाय का विश्वास जीत रहा है और दुनिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार एवं शीर्ष निवेश गंतव्य बनने की राह पर है।


अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आत्मनिर्भर भारत

भारत ने अब तक UAE, मॉरीशस, EFTA देशों (स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड, Liechtenstein) और यूनाइटेड किंगडम के साथ संतुलित मुक्त व्यापार समझौते (FTAs) किए हैं। कई अन्य देशों के साथ भी बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है।

गोयल ने कहा कि विकसित भारत की नींव आत्मनिर्भर भारत है। इसलिए सभी हितधारकों को “वोकल फॉर लोकल” बनना होगा, शासन व्यवस्था में बदलाव लाना होगा और गुणवत्ता व लागत प्रतिस्पर्धा पर ध्यान देना होगा।


निष्कर्ष

मोदी सरकार का 100 दिन का यह एजेंडा न केवल सुधारों की रफ्तार बढ़ाने की दिशा में है, बल्कि यह विकसित भारत 2047 के विज़न को ठोस रूप देने की शुरुआत भी है।