वॉशिंगटन/नई दिल्ली।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर तीखी टिप्पणी करते हुए बड़ा बयान दिया है। रूसी तेल के आयात को लेकर नाराज़ ट्रंप ने कहा, "अभी तो 8 घंटे ही हुए हैं, सेकेंडरी टैरिफ लगना बाकी है..."। यह बयान तब आया है जब अमेरिका ने भारत पर कुछ उत्पादों पर 50% आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने की घोषणा की है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ संकेत दिए हैं कि भारत अगर रूस से तेल आयात जारी रखता है, तो उसे अमेरिका की ओर से और भी कड़े आर्थिक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।
ट्रंप प्रशासन का मानना है कि भारत रूस से बड़ी मात्रा में सस्ते दर पर कच्चा तेल खरीद रहा है, जिससे रूस को आर्थिक सहारा मिल रहा है। ट्रंप ने इसे अमेरिका के हितों के खिलाफ बताया और कहा कि भारत को यह नीति बदलनी होगी, अन्यथा परिणाम भुगतने होंगे।
50% टैरिफ लागू करने के बाद अब ट्रंप ने "सेकेंडरी सैंक्शन्स" की भी बात की है, जो आमतौर पर उन देशों पर लगाए जाते हैं जो अमेरिका के प्रतिबंधित देशों के साथ व्यापार करते हैं। इसका सीधा असर भारत की ऊर्जा और व्यापार नीति पर पड़ सकता है।
भारत सरकार की ओर से इस पर अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने संकेत दिया है कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को सर्वोपरि मानता है और वह राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा।
ट्रंप का यह बयान दोनों देशों के संबंधों में तनाव का संकेत हो सकता है। हाल के वर्षों में भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक सहयोग बढ़ा है, लेकिन यह आर्थिक दबाव रिश्तों में खटास ला सकता है।