रांची। झारखंड भाजपा अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने रविवार को एक गंभीर आरोप लगाकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। मरांडी ने दावा किया कि झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान एक पुलिस अधिकारी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को फंसाने की साजिश रची थी। उन्होंने कहा कि इस पूरे षड्यंत्र के सबूत उनके पास मौजूद हैं और वह सही समय पर उन्हें सार्वजनिक करेंगे।
मरांडी के मुताबिक, यह घटना विधानसभा चुनाव के दौरान की है, जब असम के मुख्यमंत्री चुनाव प्रचार के सिलसिले में झारखंड आए थे। “कुछ ताकतें चाहती थीं कि सरमा को किसी तरह विवाद में घसीटा जाए, ताकि भाजपा की छवि को नुकसान पहुंचे,” मरांडी ने पत्रकारों से कहा।
पुलिस अधिकारी की कथित भूमिका
मरांडी ने आरोप लगाया कि इस साजिश में एक ‘वरिष्ठ पुलिस अधिकारी’ ने सक्रिय भूमिका निभाई। “उन्होंने योजना बनाकर ऐसा माहौल तैयार किया, जिससे सीएम सरमा पर झूठे आरोप लग सकें,” मरांडी ने कहा। हालांकि, उन्होंने अधिकारी का नाम उजागर नहीं किया, लेकिन इशारा किया कि मामले की संवेदनशीलता के कारण फिलहाल वह नाम और कुछ तथ्य छुपा रहे हैं।
सबूत सौंपने का ऐलान
भाजपा नेता ने कहा कि उनके पास मौजूद सबूत पुख्ता और विश्वसनीय हैं। “मैं जल्द ही इन्हें जांच एजेंसियों को सौंप दूंगा, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके और दोषियों पर कार्रवाई हो,” उन्होंने कहा।
सियासी सरगर्मी तेज
मरांडी के इस बयान के बाद झारखंड की सियासत में हलचल बढ़ गई है। भाजपा इसे ‘राजनीतिक साजिश’ का मामला बता रही है, जबकि विपक्षी दलों ने अभी इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। राज्य पुलिस और सरकार की ओर से भी अब तक कोई टिप्पणी सामने नहीं आई है।
चुनावी पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने कई स्टार प्रचारकों को मैदान में उतारा था, जिनमें असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी शामिल थे। सरमा ने कई रैलियों में विपक्ष पर तीखे हमले किए थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर मरांडी के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला प्रशासनिक निष्पक्षता और चुनावी आचार संहिता पर गंभीर सवाल खड़े करेगा।