"हम टूटने की कगार पर हैं": सिडनी के हिल्स शायर में आवासीय विकास को लेकर स्थानीय समुदाय का विरोध

"हम टूटने की कगार पर हैं": सिडनी के हिल्स शायर में आवासीय विकास को लेकर स्थानीय समुदाय का विरोध

हिल्स शायर, सिडनी:
न्यू साउथ वेल्स (NSW) सरकार ने सिडनी के तेजी से बढ़ते इलाकों में से एक, हिल्स शायर में हजारों नए आवासों के निर्माण का वादा किया है। लेकिन इस फैसले ने स्थानीय निवासियों और नगर परिषदों को नाराज़ कर दिया है। समुदाय का कहना है कि बुनियादी ढांचा पहले ही दबाव में है, और सरकार का यह कदम उन्हें “टूटने की कगार” पर पहुँचा देगा।

क्या है मामला?

राज्य सरकार की योजना के अनुसार, हिल्स शायर क्षेत्र में आने वाले वर्षों में हजारों नई आवास इकाइयाँ बनाई जाएंगी। इसका मकसद सिडनी की तेजी से बढ़ती आबादी के लिए सस्ते और अधिक घर उपलब्ध कराना है।
लेकिन स्थानीय लोग और परिषदों का कहना है कि क्षेत्र की सड़कों, स्कूलों, सार्वजनिक परिवहन और जल आपूर्ति पर पहले से ही अत्यधिक दबाव है।
उनका कहना है कि अगर बुनियादी ढांचे में पहले सुधार नहीं हुआ, तो नई आबादी का बोझ पूरे सिस्टम को चरमरा देगा।

स्थानीय लोगों का गुस्सा

हिल्स शायर की रहने वाली निवासी मेरेडिथ हेनरी कहती हैं:

“यह क्षेत्र पहले ही ट्रैफिक और स्कूलों की कमी जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। नई हाउसिंग के नाम पर इसे और बदतर बनाया जा रहा है। हमारी चिंता है कि यह विकास अनियंत्रित है।”

एक अन्य स्थानीय ने कहा:

“हम विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन यह बिना किसी योजना और तैयारी के किया जा रहा है। यह हमारे बच्चों का भविष्य है।”

परिषद की प्रतिक्रिया

हिल्स शायर काउंसिल ने भी इस कदम पर आशंका जताई है। काउंसिल के मेयर ने सरकार से स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि उन्हें पर्याप्त फंडिंग और संसाधन नहीं मिले, तो वे इस योजना का समर्थन नहीं करेंगे।

काउंसिल का कहना है कि जब तक सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और जल आपूर्ति जैसे बुनियादी ढांचे के लिए समुचित निवेश नहीं करती, तब तक इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आवासीय विस्तार करना समाज के लिए हानिकारक होगा।

सरकार का पक्ष

NSW सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह सस्ते और सुलभ आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। एक प्रवक्ता ने कहा:

"हमें यह सुनिश्चित करना है कि हर व्यक्ति को एक घर मिले। हम स्थानीय सरकारों के साथ मिलकर इस काम को आगे बढ़ाएंगे।"

हालाँकि, स्थानीय समुदाय इसे एकतरफा फैसला मान रहा है, जिसमें उनकी समस्याओं को अनदेखा किया गया है।