ऑफिस से काम करने की प्रवृत्ति ने बढ़ाया खाली दफ्तरों का संकट, 30 साल में सबसे ऊंची स्तर पर पहुंची रिक्तता

ऑफिस से काम करने की प्रवृत्ति ने बढ़ाया खाली दफ्तरों का संकट, 30 साल में सबसे ऊंची स्तर पर पहुंची रिक्तता

सिडनी: ऑस्ट्रेलिया में वर्क फ्रॉम होम की बढ़ती प्रवृत्ति और नए ऑफिस टावरों की अधिक आपूर्ति के कारण ऑफिस स्पेस की मांग में भारी गिरावट देखी जा रही है। इसका नतीजा यह हुआ है कि देशभर में ऑफिस रिक्तता दर 15 प्रतिशत के पार पहुंच गई है — जो पिछले 30 वर्षों में सबसे अधिक है।

प्रॉपर्टी काउंसिल ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, कई बड़े शहरों जैसे सिडनी, मेलबर्न और ब्रिस्बेन में कार्यालयों की मांग कमजोर बनी हुई है, जबकि लगातार नई ऑफिस बिल्डिंग्स बाजार में आ रही हैं। इससे पहले 1990 के दशक की मंदी में रिक्तता दर इतनी अधिक देखी गई थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना महामारी के बाद कंपनियों ने लचीले कार्य मॉडल अपनाए हैं, जिसमें कर्मचारी आंशिक रूप से घर से और आंशिक रूप से ऑफिस से काम करते हैं। इसके चलते बड़े ऑफिस स्पेस की जरूरत कम हो गई है।

प्रॉपर्टी काउंसिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी माइक जुली ने बताया, "यह आंकड़े संकेत देते हैं कि ऑफिस बाजार अभी भी महामारी के असर से पूरी तरह उबर नहीं पाया है। कंपनियों की जरूरतें बदल गई हैं और यह ट्रेंड लंबे समय तक जारी रह सकता है।"

हालांकि कुछ शहरों में हाई-क्वालिटी प्रीमियम ऑफिस स्पेस की मांग अब भी बनी हुई है, लेकिन मध्यम और निम्न श्रेणी के ऑफिस स्पेस सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में डेवलपर्स को बाजार की बदलती मांग के अनुरूप रणनीति बनानी होगी। वर्क फ्रॉम होम और हाइब्रिड वर्क मॉडल अब केवल विकल्प नहीं, बल्कि नया सामान्य बनते जा रहे हैं।

इस बढ़ती रिक्तता दर से न सिर्फ प्रॉपर्टी सेक्टर बल्कि अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।