अमेरिका में कुख्यात यौन अपराधी Jeffrey Epstein से जुड़े मानव तस्करी और यौन शोषण के मामलों की जांच एक बार फिर तेज़ कर दी गई है। अमेरिकी जांच एजेंसियों ने एक विशेष टास्कफोर्स का गठन किया है, जिसका उद्देश्य उन ‘स्काउट्स’ और मध्यस्थों की पहचान करना है, जिन्होंने एपस्टीन के लिए विभिन्न देशों से लड़कियों की भर्ती की थी।
जांच अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क केवल अमेरिका तक सीमित नहीं था, बल्कि यूरोप और अन्य क्षेत्रों में भी फैला हुआ था। दस्तावेज़ों और हाल ही में सामने आए रिकॉर्ड्स से संकेत मिलता है कि कई देशों में मौजूद संपर्कों के ज़रिये नाबालिग और युवा लड़कियों की पहचान कर उन्हें एपस्टीन तक पहुँचाया जाता था। इनमें ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड क्षेत्र की एक डांसर का उल्लेख भी जांच फाइलों में दर्ज है, जिसके बारे में एक संपर्क ने सीधे एपस्टीन को जानकारी दी थी।
अधिकारियों का कहना है कि यह टास्कफोर्स अब उन लोगों की भूमिका पर ध्यान केंद्रित करेगी, जो प्रत्यक्ष रूप से शोषण में शामिल नहीं थे, लेकिन जिन्होंने लड़कियों की तलाश, संपर्क और व्यवस्था में अहम भूमिका निभाई। जांच एजेंसियों के अनुसार, ऐसे लोगों की पहचान अब तक पर्याप्त रूप से नहीं हो पाई थी और यही इस नए प्रयास का मुख्य उद्देश्य है।
इस बीच, जांच का दायरा और व्यापक करते हुए यह भी परखा जा रहा है कि क्या एपस्टीन के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के माध्यम से रूस की खुफिया एजेंसी केजीबी (KGB) से किसी प्रकार का संबंध या संपर्क रहा था। हालांकि इस संबंध में अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि सभी संभावित कोणों से जांच की जा रही है।
एक वरिष्ठ जांच अधिकारी ने कहा कि नाबालिग लड़कियों के शोषण में शामिल लोगों के लिए “नरक में एक विशेष स्थान” होना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब केवल मुख्य अपराधी नहीं, बल्कि उसके पूरे नेटवर्क को जवाबदेह ठहराने का समय आ गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, यह टास्कफोर्स पीड़ितों को न्याय दिलाने और भविष्य में ऐसे संगठित अपराधों को रोकने की दिशा में एक अहम कदम है। आने वाले महीनों में जांच से जुड़े और दस्तावेज़ों तथा नामों के सार्वजनिक होने की संभावना जताई जा रही है।