‘नई ज़िंदगी की शुरुआत’: मेडिकल वजह से निर्वासन की कगार पर खड़े सिडनी निवासी दंपति को मिली ऑस्ट्रेलिया में स्थायी नागरिकता

‘नई ज़िंदगी की शुरुआत’: मेडिकल वजह से निर्वासन की कगार पर खड़े सिडनी निवासी दंपति को मिली ऑस्ट्रेलिया में स्थायी नागरिकता

सिडनी में रह रहे एक ब्रिटिश दंपति को आखिरी मौके पर ऑस्ट्रेलिया में स्थायी निवास की मंजूरी मिल गई है। यह राहत उन्हें उस समय मिली, जब एक मेडिकल स्थिति के चलते उनका वीजा अस्वीकृत कर दिया गया था और वे देश से निकाले जाने की कगार पर थे।

रॉब ओ’लेरी और जेसिका मैथर्स 2017 में ऑस्ट्रेलिया आए थे और पिछले कई वर्षों से सिडनी में अपनी ज़िंदगी बसा रहे थे। लेकिन वर्ष 2020 में जेसिका को मल्टीपल स्क्लेरोसिस (MS) होने का पता चलने के बाद उनके स्थायी निवास (PR) आवेदन को यह कहकर खारिज कर दिया गया कि भविष्य में उनके इलाज का खर्च सरकार पर बोझ बनेगा।

इस फैसले के खिलाफ दंपति ने आवाज़ उठाई और ऑनलाइन याचिका के ज़रिए जन समर्थन जुटाया। उनकी कहानी ने देशभर में सहानुभूति जगाई और इस बात पर बहस छेड़ दी कि ऑस्ट्रेलियाई इमिग्रेशन सिस्टम मेडिकल मामलों से कैसे निपटता है।

आख़िरकार, ऑस्ट्रेलिया के आव्रजन मंत्री टोनी बर्क ने मानवीय आधार पर हस्तक्षेप करते हुए दंपति को देश में बने रहने की अनुमति दे दी।

जेसिका और रॉब ने सोशल मीडिया पर खुशी ज़ाहिर करते हुए लिखा,
“हमें यह बताते हुए बेहद गर्व हो रहा है कि अब हम ऑस्ट्रेलिया के स्थायी निवासी बन गए हैं! आज सुबह हमें वह जीवन बदल देने वाली ख़बर मिली – हमारा वीजा मंजूर हो गया है!”

उन्होंने बताया कि वीजा अनिश्चितता के कारण उन्होंने कई बड़े फैसले टाल रखे थे।

“बहुत सी चीजें रोक कर रखी थीं – इस डर से कि कहीं हमें वापस जाना न पड़े। लेकिन अब जब यह रास्ता खुल गया है, तो हम पहले से कहीं ज़्यादा केंद्रित और उत्साहित हैं कि हम इस देश में अपना भविष्य संवार सकें।”

जेसिका को ऑस्ट्रेलिया और 11 देशों के बीच बनी स्वास्थ्य सेवा की आपसी संधि के तहत इलाज मिलता रहा है, और उनके हालिया एमआरआई स्कैन में बीमारी की कोई प्रगति नहीं पाई गई।

रॉब ने बताया, “हमारा PR आवेदन जेसिका की संभावित स्वास्थ्य लागतों के कारण अस्वीकार किया गया था, लेकिन हमने हमेशा इस देश में योगदान दिया है और देना भी चाहते हैं।”

अब उनके परिजन ब्रिटेन से ऑस्ट्रेलिया आकर इस नई शुरुआत का जश्न मनाने की तैयारी कर रहे हैं।

“नई शुरुआत, बड़े सपने और उज्ज्वल भविष्य की ओर – cheers to that,” उन्होंने कहा।

यह मामला अब ऑस्ट्रेलिया की इमिग्रेशन नीतियों में संवेदनशीलता और न्यायसंगत दृष्टिकोण की ज़रूरत पर एक व्यापक चर्चा की ओर इशारा करता है, खासकर उन लोगों के लिए जो असाध्य रोगों से जूझ रहे हैं।