ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार वस्तु एवं सेवा कर (GST) की दर को 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने पर कोई विचार नहीं कर रही है। सिडनी में Australia’s Economic Outlook कार्यक्रम के दौरान उन्होंने लेबर पार्टी के दूसरे कार्यकाल की आर्थिक नीतियों की रूपरेखा पेश की।
प्रधानमंत्री ने कहा, “GST जैसे उपभोग कर प्रकृति में प्रतिगामी होते हैं, इसलिए यह हमारी पार्टी की नीति के अनुरूप नहीं है। हमने इस पर कोई विचार नहीं किया है।” यह कार्यक्रम The Australian और Sky News द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था।
GST की वर्तमान दर 10 प्रतिशत है, जिसे वर्ष 2000 में लागू किया गया था। लेबर पार्टी का मानना है कि टैक्स व्यवस्था प्रगतिशील होनी चाहिए, ताकि समाज के सभी वर्गों को न्याय मिल सके।
प्रधानमंत्री अल्बानीज़ ने यह भी कहा कि उनकी प्राथमिकता यह रहेगी कि आयकर दरें यथासंभव कम हों और वेतन अधिकतम हों। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आर्थिक वृद्धि का मुख्य इंजन निजी क्षेत्र और छोटे व्यवसाय होने चाहिए, न कि सरकार।
आर्थिक विकास के लिए प्रमुख योजनाएं:
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी नई तकनीकों को अपनाना
संघीय, राज्य और स्थानीय नियमों के बीच समन्वय की खामियों को दूर करना
घरेलू आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना
महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी को बढ़ाना
उन्होंने कहा, “हमारी सरकार चाहती है कि आप (निजी क्षेत्र) एक बार फिर हमारी अर्थव्यवस्था की प्राथमिक प्रेरक शक्ति बनें।”
लेबर सरकार की पहले कार्यकाल की नीतियों, जैसे Same Job Same Pay, पर व्यापार समुदाय ने आलोचना की थी। इसके जवाब में अल्बानीज़ ने कहा कि सरकार अगस्त में होने वाली प्रोडक्टिविटी राउंड टेबल में व्यापार जगत, नागरिक समाज और यूनियनों के साथ मिलकर ठोस सुधारों के लिए सहमति बनाएगी।
अमेरिका के साथ व्यापारिक रिश्ते और टैरिफ पर भी चर्चा:
प्रधानमंत्री से अमेरिका द्वारा ऑस्ट्रेलियाई सामानों पर लगाए गए टैरिफ के बारे में भी सवाल किया गया। उन्होंने बताया कि अमेरिका द्वारा सामान्य आयातों पर 10 प्रतिशत का टैरिफ फिलहाल यथावत रहेगा और यह सीमा पार नहीं करेगा।
ऑस्ट्रेलिया वर्तमान में एल्यूमिनियम पर 25 प्रतिशत और कुछ मामलों में 50 प्रतिशत तक का आयात शुल्क झेल रहा है। ट्रंप सरकार द्वारा 9 जुलाई तक इस पर अंतिम निर्णय की समयसीमा तय की गई है।
प्रधानमंत्री अल्बानीज़ ने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी बहुप्रतीक्षित बैठक अब सितंबर में भारत में होने वाली QUAD नेताओं की बैठक के दौरान होगी। उन्होंने आशा जताई कि यह बैठक रचनात्मक और सकारात्मक होगी।