सिडनी के बॉन्डी इलाके में हुए भीषण हमले, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई, के बाद न्यू साउथ वेल्स सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा संकेत दिया है। राज्य के प्रीमियर क्रिस मिंस ने कहा है कि यहूदी स्कूलों और सिनेगॉग (यहूदी उपासना स्थलों) की सुरक्षा के लिए सेना की तैनाती समेत सभी विकल्पों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
प्रीमियर मिंस ने स्पष्ट किया कि इस संवेदनशील मुद्दे पर संघीय सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के साथ लगातार बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा, “फिलहाल कुछ भी खारिज नहीं किया गया है। लोगों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
बॉन्डी हमले के बाद यहूदी समुदाय में भय और असुरक्षा की भावना बढ़ी है। समुदाय के नेताओं ने स्कूलों, धार्मिक स्थलों और सामुदायिक केंद्रों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। इसी पृष्ठभूमि में सरकार सेना की मदद लेने जैसे असाधारण कदम पर भी विचार कर रही है।
हालांकि, अभी तक सेना की तैनाती पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। प्रीमियर ने कहा कि पुलिस बल पहले से ही हाई अलर्ट पर है और अतिरिक्त संसाधन लगाए गए हैं। सरकार हालात की समीक्षा कर रही है और खतरे के स्तर के अनुसार आगे के कदम उठाए जाएंगे।
इस बीच, बॉन्डी हमले की जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह हमला किसी व्यापक साजिश का हिस्सा था। सरकार ने जनता से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।