न्यू साउथ वेल्स (NSW), ऑस्ट्रेलिया में वनों की कटाई खतरनाक स्तर तक पहुंच गई है, जिससे यह क्षेत्र अब वनों की अंधाधुंध कटाई के मामलों में इंडोनेशिया जैसे देशों की कतार में खड़ा हो गया है।
राज्य में पेड़ों की कटाई में पिछले कुछ वर्षों में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है, जो पर्यावरण विशेषज्ञों और संरक्षणवादियों के लिए गहरी चिंता का विषय बन गया है। यह तब हो रहा है जब मिन्स सरकार को सत्ता में आए दो साल से अधिक हो चुके हैं, लेकिन अब तक पूर्व नेशनल पार्टी नेता जॉन बारिलारो के जमाने के वन-प्रबंधन नियमों में बदलाव नहीं किया गया है।
पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि ये नियम खेती और पशुपालन के नाम पर वनों की कटाई को आसान बना देते हैं, जिससे वन्यजीवों के आवास नष्ट हो रहे हैं और जैव विविधता पर संकट बढ़ता जा रहा है।
ऑस्ट्रेलियन कंज़र्वेशन फ़ाउंडेशन के एक प्रवक्ता ने कहा, “यह एक विकृत नीति है जिसमें सरकार पर्यावरणीय आपदा को और गहरा बना रही है। अगर मिन्स सरकार वास्तव में जलवायु और पारिस्थितिकी के संरक्षण को प्राथमिकता देना चाहती है, तो उसे तत्काल कानूनी बदलाव करने होंगे।”
गौरतलब है कि NSW राज्य सरकार ने 2023 में जंगलों के संरक्षण को लेकर प्रतिबद्धता जताई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
यदि मौजूदा नीतियों को बदला नहीं गया, तो विशेषज्ञों का मानना है कि न्यू साउथ वेल्स में आने वाले वर्षों में वनों का और तेजी से विनाश हो सकता है — जिससे ऑस्ट्रेलिया की जलवायु रणनीति भी कमजोर पड़ जाएगी।