मेलबर्न नाइटलाइफ़ के ‘किंग’ का खुलासा: क्लब की कामयाबी का सबसे बड़ा नियम है ‘फ्रंट डोर’

मेलबर्न नाइटलाइफ़ के ‘किंग’ का खुलासा: क्लब की कामयाबी का सबसे बड़ा नियम है ‘फ्रंट डोर’

मेलबर्न।
मेलबर्न की नाइटलाइफ़ दुनिया के चर्चित क्लब मालिक निक रशियन ने खुलासा किया है कि उनके सफल नाइटक्लब्स की सबसे बड़ी ताकत शानदार इंटीरियर या मशहूर मेहमान नहीं, बल्कि फ्रंट डोर पर सख़्त नियंत्रण रहा है।

2006 में साउथ मेलबर्न में खुले उनके मशहूर नाइटक्लब ईव (Eve) ने जल्द ही अंतरराष्ट्रीय पहचान बना ली। इस क्लब में उस दौर में कई वैश्विक हस्तियां, खेल जगत के सितारे और फैशन इंडस्ट्री से जुड़े नाम नियमित रूप से नजर आते थे। बाद में 2021 में रशियन ने मेलबर्न सीबीडी में बार बाम्बी की शुरुआत की, जो आज भी बेहद लोकप्रिय है।

पूर्व नाइटक्लब मालिक और उद्यमी डैनी ग्रांट के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान रशियन ने कहा कि बड़े स्तर पर चलने वाले किसी भी नाइटक्लब के लिए सबसे अहम भूमिका डोर सिक्योरिटी निभाती है।

उन्होंने बताया कि उनके भाई डेनियल रशियन फ्रंट डोर की ज़िम्मेदारी संभालते थे और वही यह तय करते थे कि कौन अंदर जाएगा और कौन नहीं।

“कोई भी इंसान जब किसी क्लब में जाता है तो वह सुरक्षित माहौल चाहता है। परिचित चेहरे और बिना किसी परेशानी के एन्जॉय करना चाहता है। यही सब कुछ फ्रंट डोर से शुरू होता है,”
— निक रशियन

रशियन के मुताबिक, उनके भाई और उनकी टीम नियमित ग्राहकों को पहचानते थे और संभावित परेशानी खड़ी करने वालों को सम्मानपूर्वक प्रवेश से रोक देते थे।

हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि फ्रंट डोर पर कई बार बेहद गंभीर और खतरनाक घटनाएं भी हुईं।

एक घटना को याद करते हुए रशियन ने बताया कि एक बार एक व्यक्ति अचानक कार से उतरा और लाइन में खड़े एक व्यक्ति पर बिना किसी उकसावे के चाकू से हमला कर दिया।
एक अन्य मौके पर एक सिक्योरिटी गार्ड पर भी बाहर चाकू से हमला हुआ।

उन्होंने यह भी बताया कि क्लब खुलने के शुरुआती दिनों में, जब सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत नहीं थी, तब एक समूह ने प्रवेश न मिलने पर क्लब के मुख्य द्वार पर पेपर स्प्रे कर दिया, जिससे पूरी जगह खाली करानी पड़ी।

“कैमरों में साफ दिख रहा था कि स्प्रे की धुंध सीढ़ियों से नीचे तक फैल गई और पूरा क्लब खाली हो गया,”
— निक रशियन

रशियन का मानना है कि नाइटलाइफ़ इंडस्ट्री में सफलता का सबसे अहम नियम यही है कि गलत लोगों को बाहर और सही लोगों को अंदर रखा जाए — और यह जिम्मेदारी सबसे पहले दरवाज़े पर निभाई जाती है।