दिवाली पर स्वदेश वापसी कैंसिल, शादियां टलीं

ट्रंप के ‘वीज़ा बम’ से भारतीयों में हड़कंप, विदेश मंत्रालय ने जताई चिंता

दिवाली पर स्वदेश वापसी कैंसिल, शादियां टलीं

नई दिल्ली/वॉशिंगटन।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एच-1बी वीज़ा पर 1,00,000 डॉलर का अतिरिक्त शुल्क लगाने के आदेश ने भारतीय पेशेवरों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। अचानक लिए गए इस फैसले के कारण हजारों भारतीय प्रवासी अपनी दिवाली की छुट्टियां मनाने भारत लौटने का प्लान कैंसिल करने को मजबूर हुए, वहीं कुछ ने शादियों और पारिवारिक समारोह तक स्थगित कर दिए।


एयरपोर्ट से ही लौटीं योजनाएं

ट्रंप के आदेश के कुछ ही घंटों बाद अमेरिका में रह रहे एच-1बी वीज़ा धारकों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग, जो भारत जाने वाली फ्लाइट में सवार होने ही वाले थे, आखिरी वक्त पर टिकट रद्द करने को मजबूर हुए। वहीं जो लोग पहले से भारत आए हुए हैं, वे अब अमेरिका वापसी को लेकर असमंजस में हैं। एक प्रवासी भारतीय ने बताया कि उनकी शादी अक्टूबर में होनी थी, लेकिन इस अनिश्चितता के बीच उन्हें अपना कार्यक्रम टालना पड़ा।

टेक कंपनियों ने भी अपने कर्मचारियों को आंतरिक ज्ञापन जारी कर यात्रा न करने की सलाह दी है। ज्ञापनों में साफ कहा गया कि 21 सितंबर की समयसीमा से पहले देश छोड़ना या वापसी करना जोखिम भरा हो सकता है।


भारत सरकार का रुख

विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर गंभीर चिंता जताई है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शनिवार को कहा कि इस शुल्क वृद्धि का सीधा असर परिवारों पर पड़ेगा और मानवीय परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा, “सरकार ने अमेरिकी एच-1बी वीज़ा कार्यक्रम पर प्रस्तावित प्रतिबंधों की रिपोर्ट देखी है। भारतीय उद्योग जगत ने भी शुरुआती विश्लेषण पेश किया है। यह कदम परिवारों को बड़ी दिक्कतों में डाल सकता है। हमें उम्मीद है कि अमेरिकी अधिकारी इन चुनौतियों का समाधान निकालेंगे।”


प्रवासी भारतीयों में गहरी बेचैनी

अमेरिका में बसे भारतीय पेशेवरों का कहना है कि यह केवल आर्थिक बोझ नहीं है, बल्कि उनकी व्यक्तिगत जिंदगी पर भी गहरा असर डाल रहा है। एक वीज़ा धारक ने बताया, “यह एक तरह से यात्रा प्रतिबंध जैसा है। भले ही आपके पास वैध एच-1बी वीज़ा हो, अमेरिका में प्रवेश के लिए अब 1,00,000 डॉलर भुगतान का प्रमाण दिखाना होगा। किसी को यह तक नहीं पता कि प्रक्रिया क्या है, शर्तें क्या हैं। माहौल पूरी तरह अनिश्चित और भयावह है।”


नतीजा

त्योहारी सीजन में आया यह अमेरिकी फैसला भारतीय प्रवासियों के लिए बड़ा झटका साबित हुआ है। दिवाली जैसे मौके पर जब लोग अपने परिवार से मिलने का इंतज़ार करते हैं, तब यह नई नीति उनके सपनों को अधर में लटका रही है। भारत सरकार ने इसे संवेदनशील मुद्दा बताते हुए उम्मीद जताई है कि जल्द ही इस पर स्पष्टता आएगी और प्रभावित परिवारों को राहत मिलेगी।