ऑस्ट्रेलिया में बढ़ते एज्ड-केयर संकट को लेकर ग्रीन पार्टी की सीनेटर पेनी ऑल्मन-पेन ने संघीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कड़े सवाल पूछे। बजट अनुमान (Budget Estimates) की सुनवाई में राज्यों और क्षेत्रों द्वारा उठाई गई चिंताओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि खराब व्यवस्था के कारण कई बुजुर्ग ऐसे हालात में अस्पतालों में फंसे हुए हैं, जबकि वे चिकित्सकीय रूप से भर्ती रहने के योग्य भी नहीं हैं।
ACT की स्वास्थ्य मंत्री रेचेल स्टीफ़न-स्मिथ ने इस स्थिति को “अत्यंत चिंताजनक” बताया था, जबकि दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य मंत्री क्रिस पिक्टन ने इसे “राष्ट्रीय त्रासदी” करार दिया था। इन बयानों का जिक्र करते हुए ऑल्मन-पेन ने कहा कि कई बुजुर्ग “व्यावहारिक रूप से बेघर” जैसी स्थिति में जीवन बिता रहे हैं क्योंकि उन्हें न तो आवासीय एज्ड-केयर केंद्रों में जगह मिल पा रही है और न ही घर पर आवश्यक देखभाल।
सीनेटर के सवालों के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री मार्क बटलर का प्रतिनिधित्व कर रहीं मालनडिर्री मैकार्थी ने कहा कि केंद्र सरकार सभी ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के स्वास्थ्य की समान रूप से चिंता करती है।
“राजनीतिक विचारधारा चाहे जो भी हो, केंद्र सरकार राज्यों और क्षेत्रों की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है। मंत्री बटलर इन मुद्दों पर प्रत्येक राज्य और क्षेत्र के साथ बातचीत कर रहे हैं,” उन्होंने कहा।
सुनवाई के दौरान ऑल्मन-पेन ने यह भी पूछा कि क्या विभाग यह स्वीकार करता है कि बड़ी संख्या में बुजुर्ग ऐसे हैं जिन्हें चिकित्सकीय उपचार की आवश्यकता नहीं, लेकिन उन्हें एज्ड-केयर सुविधा न मिलने के कारण लंबे समय तक अस्पतालों में रहना पड़ता है।
इस पर विभाग के एक अधिकारी ने माना कि देशभर में ऐसे कई लोग हैं जिन्हें आवासीय एज्ड-केयर में जगह का इंतज़ार करना पड़ रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि “जरूरतमंद और प्राथमिकता आधारित मामलों” में सेवा अपेक्षाकृत जल्दी उपलब्ध कराई जाती है।
एज्ड-केयर सेवाओं में लगातार बढ़ती मांग, स्टाफ की कमी और फंडिंग से जुड़ी चुनौतियों के चलते यह मुद्दा पूरे देश में एक गंभीर नीति संकट के रूप में उभर रहा है।