कुआलालंपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मलेशिया की धरती से भारत की आर्थिक प्रगति और वैश्विक साख को रेखांकित करते हुए कहा कि आज भारत को विकास के लिए एक विश्वसनीय वैश्विक साझेदार के रूप में देखा जा रहा है। हाल के वर्षों में यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, अमेरिका सहित कई देशों के साथ हुए व्यापार समझौते इस भरोसे का प्रमाण हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, “विश्वास आज भारत की सबसे मजबूत पूंजी बन चुका है।”
दो दिवसीय यात्रा पर मलेशिया पहुँचे प्रधानमंत्री मोदी ने कुआलालंपुर में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि मलेशिया में लगभग 30 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जिनमें बड़ी संख्या तमिल समुदाय की है। यह प्रवासी समुदाय भारत और मलेशिया के रिश्तों को मजबूती देने वाला एक सशक्त सेतु है।
प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया में नए भारतीय वाणिज्य दूतावास खोलने की घोषणा की। साथ ही छात्रों के लिए थिरुवल्लुवर छात्रवृत्ति शुरू करने की भी घोषणा की, जिससे मलेशियाई छात्रों को भारत में अध्ययन के अवसर मिलेंगे।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी का कुआलालंपुर आगमन पर भव्य रेड कार्पेट स्वागत किया गया। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम स्वयं हवाई अड्डे पर उन्हें रिसीव करने पहुँचे, जिसे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। दोनों नेता एक ही वाहन से सामुदायिक कार्यक्रम स्थल पहुँचे, जहाँ ‘भारत माता की जय’ और ‘मोदी-मोदी’ के नारों से माहौल गूंज उठा।
कार्यक्रम में लगभग 800 कलाकारों ने पारंपरिक संगीत और नृत्य प्रस्तुत किए। प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न भाषाओं में भारतीय समुदाय का अभिवादन किया और मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की गायन प्रतिभा तथा तमिल सिनेमा के प्रति उनके प्रेम का विशेष उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने भारत की तेज़ी से बढ़ती आधारभूत संरचना की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में देश में हवाई अड्डों की संख्या दोगुनी हो गई है, राष्ट्रीय राजमार्ग रिकॉर्ड गति से बन रहे हैं और वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिल रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत और मलेशिया की सफलता एक-दूसरे से जुड़ी हुई है और यह एशिया की साझा सफलता का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा अगस्त 2024 में भारत-मलेशिया संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी में उन्नत किए जाने के बाद पहला है और उनका मलेशिया का कुल तीसरा दौरा भी।
प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि रविवार को होने वाली द्विपक्षीय वार्ताओं के बाद दोनों देशों के बीच सहयोग को और गति मिलेगी तथा कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।