ऑस्ट्रेलिया में ‘सॉवरेन सिटिजन’ आंदोलन बना राष्ट्रीय खतरा, 100 से ज़्यादा हथियार बरामद

ऑस्ट्रेलिया में ‘सॉवरेन सिटिजन’ आंदोलन बना राष्ट्रीय खतरा, 100 से ज़्यादा हथियार बरामद

ऑस्ट्रेलिया में एक चरमपंथी विचारधारा से जुड़ा “सॉवरेन सिटिजन” (Sovereign Citizen) आंदोलन अब राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा ख़तरा बनता जा रहा है। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया (WA) में की गई बड़ी पुलिस कार्रवाई में 100 से अधिक हथियार बरामद किए गए हैं। यह छापेमारी उस समय हुई जब विक्टोरिया राज्य में दो पुलिस अधिकारियों की हत्या के आरोपी देज़ी फ्रीमैन के फरार होने के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।

पुलिस के अनुसार, WA में चलाए गए विशेष अभियान में 135 हथियार — जिनमें 125 लॉन्ग गन, 10 हैंडगन और दो साइलेंसर बैरल शामिल हैं — ज़ब्त किए गए। साथ ही 44 गन लाइसेंस भी रद्द या निलंबित कर दिए गए।

फ्रीमैन अगस्त में विक्टोरिया स्थित अपने फ़ार्महाउस पर हुई गोलीबारी के बाद घने जंगलों में भाग गया था और तब से लापता है। उसकी गिरफ्तारी पर 10 लाख डॉलर का इनाम घोषित किया गया है।


“बुद्धिमान पुलिसिंग”, विशेषज्ञों ने की सराहना

डीकिन यूनिवर्सिटी के अतिवाद विशेषज्ञ जॉश रूज़ ने इस कार्रवाई को “स्मार्ट पुलिसिंग” बताया। उन्होंने कहा कि सॉवरेन सिटिजन आंदोलन के कई प्रमुख ऑनलाइन नेता पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में सक्रिय हैं। इनमें से कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स के 5,000 से अधिक फॉलोअर्स हैं।

रूज़ के अनुसार, यह आंदोलन केवल WA तक सीमित नहीं है, बल्कि विक्टोरिया, न्यू साउथ वेल्स और क्वींसलैंड में भी तेजी से फैल चुका है।


“एंटी-गवर्नमेंट मूवमेंट” से हिंसा की आशंका

रूज़ ने बताया कि यह आंदोलन सरकार-विरोधी विचारधारा पर आधारित है। इसके समर्थक आमतौर पर सामाजिक या आर्थिक रूप से हाशिये पर रहते हैं और उनका मानना है कि सरकारी कानून उन पर लागू नहीं होते। कई बार ये लोग आत्मरक्षा या “स्वतंत्रता” के नाम पर हथियार जमा करते हैं, जिससे हिंसा की संभावना बढ़ जाती है।

उन्होंने कहा, “यह समूह ऐसे लोगों का है जिनका अतीत में सरकार से टकराव रहा है। यही वजह है कि वे व्यवस्था-विरोधी मानसिकता अपनाकर ख़तरनाक हो सकते हैं।”


‘माय प्लेस’ समूह का नेटवर्क

‘माय प्लेस’ नामक आंदोलन, जिसके संस्थापक डैरेन बर्गवेर्फ़ स्वयं को सॉवरेन सिटिजन बताते हैं, के विक्टोरिया में 30,000 और पूरे देश में 50,000 से अधिक सदस्य हैं।

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह नेटवर्क अब “विचारधारा से हथियारबंद चरमपंथ” की दिशा में बढ़ रहा है, जो आने वाले समय में ऑस्ट्रेलिया की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।