महंगाई से राहत नहीं, 2026 तक जारी रहेगा दबाव : RBA प्रमुख

महंगाई से राहत नहीं, 2026 तक जारी रहेगा दबाव : RBA प्रमुख

ऑस्ट्रेलियाई परिवारों के लिए महंगाई का संकट फिलहाल थमने वाला नहीं है। रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया (RBA) की गवर्नर मिशेल बुलक ने संसद की आर्थिक मामलों की समिति के सामने साफ़ कहा कि आने वाले महीनों में जीवन-यापन की लागत और बढ़ेगी।

बिजली बिल फिर बढ़ेंगे

सरकारी सब्सिडी खत्म होते ही आम उपभोक्ताओं की जेब पर बड़ा बोझ पड़ेगा। जुलाई में ही बिजली के दाम 13 प्रतिशत बढ़ गए थे और जनवरी 2026 में जब केंद्र सरकार की लगभग 7 अरब डॉलर की छूट समाप्त होगी तो लोगों को पूरा बिल चुकाना होगा।
बुलक ने कहा, “भले ही कीमतें स्थिर रहें, लेकिन जैसे ही सब्सिडी हटेगी, उपभोक्ताओं को ज़्यादा भुगतान करना ही पड़ेगा।”

गरीब परिवारों पर सबसे ज़्यादा असर

बुलक ने माना कि पिछले कुछ वर्षों में ऊँची महंगाई ने हर चीज़ की कीमत बढ़ा दी है और यह स्तर अब नीचे नहीं आएगा।
उन्होंने कहा, “यह दबाव हर वर्ग पर है — चाहे गृह-ऋण चुका रहे हों, किराए पर रह रहे हों, कारोबार कर रहे हों या रोज़मर्रा का खर्च चला रहे हों। लेकिन कम आय वाले और कमजोर तबके पर इसका असर सबसे ज्यादा है।”

‘दाम अब पुराने स्तर पर नहीं लौटेंगे’

RBA की सहायक गवर्नर सारा हंटर ने भी साफ कहा कि दूध, रोटी, पेट्रोल जैसे ज़रूरी सामान अब कोविड-पूर्व स्तर पर कभी नहीं आएंगे।
“दुकान से हर हफ़्ते जो दूध मैं खरीदती हूँ, उसकी कीमत अब हमेशा पहले से ज़्यादा ही रहेगी। यही हाल अन्य ज़रूरी चीज़ों का भी है,” उन्होंने कहा।

ब्याज़ दरों पर अगला फ़ैसला

केंद्रीय बैंक की अगली बैठक करीब दो हफ़्ते बाद होगी। यह तय करने में बेरोज़गारी दर अहम भूमिका निभाएगी कि ब्याज़ दरें यथावत रहेंगी या और बढ़ेंगी।
फिलहाल इतना तय है कि 2026 की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई परिवारों को और भारी बिजली बिल और रोज़मर्रा की महंगाई से दो-चार होना पड़ेगा।