भारत पर 50% टैरिफ: चीनी राजदूत ने ट्रंप को ललकारा

भारत पर 50% टैरिफ: चीनी राजदूत ने ट्रंप को ललकारा

भारत पर 50 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने के फैसले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर चीन के भारत में राजदूत शू फ़ेइहोंग ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

राजदूत शू ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “दादागिरी करने वाले को अगर एक इंच दें, तो वह एक मील ले लेगा।” उन्होंने इसके साथ चीनी विदेश मंत्री वांग यी और ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला के मुख्य सलाहकार सेल्सो अमोरीम की बातचीत का एक अंश भी साझा किया, जिसमें कहा गया था कि “दूसरे देशों को दबाने के लिए टैरिफ को हथियार बनाना संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है, WTO के नियमों के खिलाफ है, और न ही यह लोकप्रिय है और न ही टिकाऊ।”

ट्रंप प्रशासन और भारत के बीच व्यापार समझौते को लेकर पाँच दौर की वार्ता हो चुकी थी, लेकिन भारत के कृषि व डेयरी क्षेत्र को बाज़ार खोलने और रूसी तेल आयात रोकने जैसे मुद्दों पर सहमति न बनने से बातचीत टूट गई।

इस बीच, ट्रंप ने चीन को भी चेतावनी दी है कि यदि उसने रूस से तेल खरीद जारी रखी तो उस पर भी ‘सेकेंडरी टैरिफ’ लगाए जा सकते हैं। उन्होंने व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, “हमने यह भारत के साथ किया, और शायद कुछ और देशों के साथ भी करेंगे, उनमें से एक चीन हो सकता है।”

भारत, चीन और तुर्की इस समय रूसी तेल के सबसे बड़े खरीदार हैं। ट्रंप ने कहा कि अगर रूस-यूक्रेन युद्ध इस हफ़्ते के अंत तक खत्म नहीं होता, तो अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

गौरतलब है कि इसी साल चीन और अमेरिका के बीच टैरिफ युद्ध तेज़ हुआ था। अमेरिका ने 145 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ाया था, जबकि चीन ने इसे 125 प्रतिशत की सीमा तक रखा और कहा था कि “अगर अमेरिका इससे भी अधिक टैरिफ लगाएगा, तो यह आर्थिक रूप से निरर्थक होगा और वैश्विक अर्थशास्त्र के इतिहास में मज़ाक बनकर रह जाएगा।”