सिडनी।
ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था में जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से देश को करीब 200 अरब डॉलर (लगभग ₹16.5 लाख करोड़) तक का आर्थिक फायदा होने की उम्मीद है। यह दावा ऑस्ट्रेलिया की Productivity Commission की एक नई रिपोर्ट में किया गया है। लेकिन इस आर्थिक तरक्की की कीमत लाखों नौकरियों के नुकसान के रूप में चुकानी पड़ सकती है।
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि AI तकनीक, इतिहास के सबसे बड़े औद्योगिक परिवर्तनों में से एक साबित हो सकती है – जैसे भाप इंजन या इंटरनेट क्रांति ने दुनिया बदली थी, वैसा ही असर अब AI का हो सकता है।
AI के कारण बैंकिंग, प्रशासन, कस्टमर सपोर्ट, लेखांकन, और पत्रकारिता जैसे कई क्षेत्रों में स्वचालन बढ़ेगा, जिससे मौजूदा नौकरियां कम हो सकती हैं। वहीं दूसरी ओर, नए क्षेत्रों और कौशलों की मांग भी तेज़ी से बढ़ेगी, जैसे – डेटा एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा, आदि।
Productivity Commission का मानना है कि इस तकनीकी बदलाव के बीच सरकार को सक्रिय भूमिका निभानी होगी, ताकि स्किल डेवलपमेंट और जॉब ट्रांजिशन में आम लोगों की मदद की जा सके। साथ ही, AI के इस्तेमाल को लेकर नैतिक और कानूनी दिशा-निर्देशों की भी सख्त ज़रूरत होगी।