सिडनी, 11 फ़रवरी 2026।
ऑस्ट्रेलियाई टैक्स विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऑस्ट्रेलियन टैक्सेशन ऑफिस (ATO) के प्रस्तावित नियमों में बदलाव से आम परिवारों पर एक नया और अप्रत्यक्ष “मृत्यु कर” (Death Tax) लागू हो सकता है। यह बदलाव वसीयती ट्रस्ट (Testamentary Trust) से जुड़ा है, जिसका इस्तेमाल अब तक विरासत में मिली संपत्ति पर टैक्स बचाने के लिए किया जाता रहा है।
वसीयती ट्रस्ट ऑस्ट्रेलिया में तेज़ी से लोकप्रिय हुए हैं क्योंकि इनके ज़रिए परिवार किसी प्रियजन की मृत्यु के बाद संपत्तियों की सुरक्षा कर सकते हैं और कानूनी रूप से टैक्स बोझ कम कर सकते हैं।
मौजूदा नियमों के तहत, यदि किसी मृतक का मुख्य निवास (Main Residence) परिवार दो वर्षों के भीतर बेच देता है, तो उस पर कैपिटल गेंस टैक्स (CGT) नहीं लगता—भले ही कोई वारिस उस घर में न रहा हो।
यदि संपत्ति दो साल से ज़्यादा समय तक रखी जाती है, तो अब तक वसीयती ट्रस्ट के अंतर्गत रहना टैक्स छूट बनाए रखने के लिए पर्याप्त माना जाता था।
लेकिन ATO के हालिया ड्राफ्ट रूलिंग में प्रस्ताव है कि दो साल के बाद टैक्स छूट तभी मिलेगी जब कोई लाभार्थी वास्तव में उस घर में रह रहा हो, और यह अधिकार वसीयत में स्पष्ट रूप से दर्ज हो।
टैक्स इन्वेस्ट अकाउंटिंग की निदेशक Belinda Raso ने इस प्रस्ताव को बेहद चिंताजनक बताया।
उनका कहना है,
“ATO ने पूरा सिस्टम उलट दिया है। अगर कोई वारिस उस घर में जाकर नहीं रहता, तो वसीयती ट्रस्ट के ज़रिए रखने पर भी उस पर कैपिटल गेंस टैक्स लगाया जाएगा। यह असल में मृत्यु पर लगाया जाने वाला कर है।”
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे शोकग्रस्त परिवारों पर अचानक भारी टैक्स देनदारी आ सकती है, खासकर उन मामलों में जहाँ घर तुरंत बेचना संभव नहीं होता।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब केंद्र की Albanese Labor Government सरकार की नई सुपरएन्यूएशन टैक्स नीति को लेकर भी विरोध हो रहा है।
संशोधित सुपर टैक्स प्रस्ताव के तहत, अब निवेशक की मृत्यु का समय टैक्स देनदारी को प्रभावित करेगा। यदि किसी की मृत्यु साल की शुरुआत में हो जाती है, तो भी एस्टेट को पूरे साल की कमाई पर टैक्स देना पड़ सकता है, जिससे भुगतान में देरी और परिवारों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।
बेलिंडा रासो के अनुसार, वसीयती ट्रस्ट से जुड़ा प्रस्ताव सुपर टैक्स से भी बड़ा मुद्दा है।
“यह बदलाव कहीं ज़्यादा परिवारों को प्रभावित करेगा। ऑस्ट्रेलिया में बहुत से लोग अपनी ज़िंदगी भर की कमाई घर में लगाते हैं, और अब उसी पर मृत्यु के बाद टैक्स लगाया जाएगा।”
ATO ने अभी इस ड्राफ्ट पर अंतिम फैसला नहीं सुनाया है, लेकिन यदि प्रस्ताव लागू हुआ, तो यह ऑस्ट्रेलिया में विरासत और संपत्ति कर व्यवस्था में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।