मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता अजित पवार को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। उनके करीबी सहयोगी किरण गुजर ने दावा किया है कि अजित पवार एनसीपी के दोनों गुटों के विलय को लेकर पूरी तरह गंभीर थे और यह प्रक्रिया जल्द पूरी होने वाली थी।
न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में किरण गुजर ने बताया कि विमान दुर्घटना में अजित पवार के निधन से महज पांच दिन पहले इस विषय पर उनसे विस्तार से चर्चा हुई थी। गुजर के अनुसार, अजित पवार ने स्पष्ट कहा था कि विलय की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और अगले कुछ दिनों में औपचारिक घोषणा संभव थी।
गुजर ने कहा कि अजित पवार दोनों गुटों को एक मंच पर लाने को लेकर सौ प्रतिशत प्रतिबद्ध थे। हाल के नगर निगम चुनावों में दोनों गुटों के एक साथ चुनाव लड़ने को भी उन्होंने इस दिशा में बड़ा कदम बताया। पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में 15 जनवरी को हुए चुनावों में गठबंधन के बाद दोनों गुटों ने आगामी जिला परिषद चुनावों में भी साथ बने रहने का निर्णय लिया था।
करीबी सूत्रों के अनुसार, अजित पवार यह भी चाहते थे कि जब उनके चाचा और एनसीपी संस्थापक शरद पवार पूरी तरह स्वस्थ हों, तभी यह राजनीतिक एकता पूरी हो। उन्होंने कुछ चुनिंदा पत्रकारों से यह संकेत भी दिया था कि वे अपनी पार्टी का राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) में विलय करने के पक्षधर हैं।
अजित पवार के निधन के बाद सामने आए इस खुलासे ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है। अब राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या एनसीपी के दोनों गुट उनके सपने को आगे बढ़ाएंगे या यह प्रयास अधूरा ही रह जाएगा।