ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी मेडिकली गांजा (मेडिसिनल कैनबिस) कंपनी मोंटू एक बार फिर सुर्खियों में है – इस बार कारण है डॉक्टरों द्वारा भारी मात्रा में प्रिस्क्रिप्शन जारी करना, जिसे केंद्र सरकार ने "अलार्मिंग" यानी चिंताजनक बताया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, मोंटू से जुड़े कुछ डॉक्टर असामान्य रूप से अधिक मात्रा में कैनबिस-आधारित दवाओं के प्रिस्क्रिप्शन दे रहे हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि कहीं मरीजों की सुरक्षा से समझौता तो नहीं हो रहा।
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा, “हम इस ट्रेंड को लेकर गंभीर हैं। इस तरह की प्रिस्क्राइबिंग न सिर्फ मेडिकल एथिक्स पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह दवा के दुरुपयोग की आशंका को भी बढ़ा सकती है।”
ऑस्ट्रेलिया में मेडिकल कैनबिस को विशेष मामलों में वैकल्पिक उपचार के रूप में अनुमति दी गई है – जैसे कि क्रॉनिक पेन, मिर्गी या कैंसर से संबंधित साइड इफेक्ट्स। लेकिन सरकार का कहना है कि मोंटू के डॉक्टरों द्वारा प्रिस्क्रिप्शन की मात्रा में हाल ही में जो तेजी आई है, वह सामान्य मानकों से कहीं अधिक है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और रिव्यू बोर्ड द्वारा अब इन प्रिस्क्रिप्शन की जांच की जा रही है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि अगर अनियमितता पाई गई, तो कंपनी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मोंटू की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन यह स्पष्ट है कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल कैनबिस कंपनी अब नियामकों की कड़ी निगरानी में है।