ऑस्ट्रेलिया की अल्बनीज़ सरकार के मंत्रियों और सहायक मंत्रियों के कर्मचारियों ने एक साल में हवाई यात्राओं और ठहरने पर 22.5 मिलियन डॉलर (करीब 150 करोड़ रुपये) का खर्चा कर दिया। यह राशि सीधे-सीधे टैक्सपेयर की जेब से गई है, जिससे आम जनता में नाराज़गी देखी जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, 570 से अधिक कर्मचारी जो मंत्रियों और सहायक मंत्रियों से जुड़े हुए हैं, उन्होंने केवल हवाई टिकट और होटल आवास पर यह रकम उड़ाई। यह खर्च संसद और सरकारी कामकाज के बहाने दर्ज किया गया, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि यह खर्च पिछली सरकारों की तुलना में कहीं अधिक है।
खुलासा हुआ है कि कुछ मंत्री कार्यालयों ने बाकी दफ्तरों की तुलना में कहीं ज्यादा खर्च किया। कई बार विदेश यात्राएं, राजनीतिक कार्यक्रमों और अनौपचारिक बैठकों के नाम पर भी यात्राएं की गईं। यही वजह है कि विपक्ष ने इसे "टैक्सपेयर के पैसों का दुरुपयोग" बताया है।
विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ पर तीखा हमला बोला है। उनका कहना है कि आम जनता महंगाई, जीवन-यापन की बढ़ती लागत और रोज़गार की समस्या से जूझ रही है, जबकि मंत्री और उनके कर्मचारी लग्ज़री यात्रा का आनंद ले रहे हैं। विपक्ष ने यह भी मांग की है कि सरकार इस खर्च का पूरा हिसाब-किताब संसद के सामने पेश करे।
वहीं सरकार की ओर से सफाई दी जा रही है कि मंत्री और उनके स्टाफ को देश-विदेश में सरकारी बैठकों, समझौतों और नीतिगत मामलों में शामिल होना पड़ता है। ऐसे में यात्रा खर्च एक अनिवार्य आवश्यकता है।
सोशल मीडिया और सार्वजनिक बहसों में लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब देश आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है तो क्या मंत्रियों के दफ्तरों को इतने बड़े स्तर पर यात्राओं की जरूरत थी? आम टैक्सपेयर को लगता है कि यह रकम स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों में खर्च की जानी चाहिए थी।