एंड्रयू हैस्टी की ‘नेट-ज़ीरो’ नीति पर आपत्ति, फ्रंटबेंच पद पर संकट

नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों से किया इंकार, कहा– “मैं अल्पमत में हूँ, इसलिए विद्रोह का सवाल नहीं”

एंड्रयू हैस्टी की ‘नेट-ज़ीरो’ नीति पर आपत्ति, फ्रंटबेंच पद पर संकट

ऑस्ट्रेलिया की लिबरल पार्टी के वरिष्ठ नेता और फ्रंटबेंच सदस्य एंड्रयू हैस्टी ने पार्टी की जलवायु नीति पर खुलकर असहमति जताई है। उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में उनका फ्रंटबेंच पद पर बने रहना कठिन होता जा रहा है, क्योंकि वे पार्टी की नेट-ज़ीरो उत्सर्जन लक्ष्य वाली नीति के विरोधी हैं।

हैस्टी ने स्पष्ट कहा कि यदि उन्हें पद छोड़ना पड़ा तो यह पार्टी में किसी नेतृत्व संकट या विद्रोह का संकेत नहीं होगा, क्योंकि इस मुद्दे पर वे अल्पमत में हैं।


नेट-ज़ीरो नीति पर टकराव

लिबरल पार्टी ने अंतरराष्ट्रीय दबाव और घरेलू राजनीतिक ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए 2050 तक नेट-ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य अपनाया है। हालांकि, पार्टी के भीतर इस पर गंभीर मतभेद हैं।

  • पार्टी के एक बड़े वर्ग का मानना है कि यह कदम पर्यावरण और अंतरराष्ट्रीय साख दोनों के लिए ज़रूरी है।

  • वहीं, हैस्टी जैसे नेता इसे अव्यावहारिक और महँगा मानते हैं, जो देश की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा को नुकसान पहुँचा सकता है।


हैस्टी की दलील

एंड्रयू हैस्टी का कहना है कि वे अपनी विचारधारा और सिद्धांतों से समझौता नहीं कर सकते। उन्होंने कहा:

  • “मेरे लिए राजनीतिक पद से ज़्यादा अहम ईमानदारी है। अगर मेरी सोच पार्टी की मुख्य धारा से मेल नहीं खाती तो पद छोड़ना ही बेहतर होगा।”

  • उन्होंने यह भी दोहराया कि पार्टी में बहुमत नेट-ज़ीरो नीति का समर्थन करता है और वे उस निर्णय का सम्मान करते हैं।


नेतृत्व पर असर नहीं

कुछ हलकों में हैस्टी के रुख को लेकर नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें लगाई जा रही थीं। लेकिन हैस्टी ने इसे पूरी तरह ख़ारिज कर दिया। उनका कहना है कि यह व्यक्तिगत मतभेद है, न कि कोई आंतरिक बगावत
विश्लेषकों के मुताबिक, यदि हैस्टी फ्रंटबेंच छोड़ते भी हैं, तो यह पार्टी की छवि और एकता पर सवाल खड़े करेगा, लेकिन तत्काल किसी नेतृत्व संकट की स्थिति नहीं बनेगी।