कैनबरा/वॉशिंगटन:
ऑस्ट्रेलिया ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के ठिकानों पर किए गए ताज़ा अमेरिकी हवाई हमलों का समर्थन किया है। ऑस्ट्रेलियाई सरकार का कहना है कि यही आतंकी संगठन दिसंबर में सिडनी के बॉन्डी इलाके में हुए आतंकवादी हमले को “प्रेरित” करने वाला था।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, रविवार को सीरिया के विभिन्न हिस्सों में ISIS के कई ठिकानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए गए। इस अभियान में सहयोगी देशों का भी समर्थन शामिल था। अमेरिकी सेना ने हमलों का वीडियो फुटेज भी जारी किया है, जिसमें कई संरचनाओं को नष्ट होते हुए दिखाया गया है।
ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री ने अमेरिकी कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि ISIS एक कट्टरपंथी और हिंसक संगठन है, जो ऑस्ट्रेलिया सहित दुनिया के कई हिस्सों में निर्दोष लोगों के खिलाफ भयानक हिंसा के लिए जिम्मेदार रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर इस संगठन को परास्त करना होगा और इसकी नफरत फैलाने वाली विचारधारा को सिरे से खारिज करना होगा।
प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने बॉन्डी में हुए हमले को “ISIS से प्रेरित आतंकवादी कृत्य” बताया है। खुफिया जांच के अनुसार, इस हमले के आरोपी पिता-पुत्र पहले से ही कट्टरपंथी तत्वों के संपर्क में थे और उनमें से एक का नाम 2019 में आतंकवाद-रोधी एजेंसियों की निगरानी में भी आया था। हालांकि, उस समय उसे सक्रिय खतरा नहीं माना गया था।
अमेरिकी हमले ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ के तहत किए गए। यह अभियान दिसंबर में उस घटना के बाद शुरू किया गया था, जब सीरिया के पालमायरा शहर में एक संदिग्ध ISIS समर्थक पुलिसकर्मी ने दो अमेरिकी सैनिकों और एक नागरिक दुभाषिए की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वर्तमान में सीरिया में लगभग एक हज़ार अमेरिकी सैनिक आतंकवाद-रोधी अभियानों के तहत तैनात हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपने बयान में कहा कि ये हमले आतंकियों के नेटवर्क को खत्म करने, भविष्य के हमलों को रोकने और अमेरिकी व सहयोगी बलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किए गए हैं। बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि जो भी अमेरिकी सैनिकों या उनके सहयोगियों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, उसे दुनिया के किसी भी कोने में ढूंढकर जवाब दिया जाएगा।