कैनबरा।
ऑस्ट्रेलिया की राजनीति में एक बार फिर अप्रवासन का मुद्दा गर्मा गया है। कोएलिशन के कानूनी मोर्चे के नेता जूलियन लीसर (Julian Leeser) ने उन लगभग 280 अप्रवासियों को नौरू भेजने का समर्थन किया है, जो NZYQ श्रेणी में आते हैं।
दूसरी ओर, श्रम पार्टी (Labor) के मंत्री मरे वॉट (Murray Watt) ने स्पष्ट किया कि इन लोगों का नौरू में स्थानांतरण “शीघ्र” शुरू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है।
यह फैसला उन प्रवासियों को लेकर है जिन्हें ऑस्ट्रेलिया में रहने की अनुमति नहीं दी गई है। सरकार का मानना है कि लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया में फंसे इन मामलों का समाधान अब और नहीं टाला जा सकता।
हालांकि अक्सर प्रवासन नीतियों को लेकर टकराव देखने को मिलता है, लेकिन इस बार कोएलिशन और लेबर दोनों एक तरह से एक ही दिशा में खड़े नजर आ रहे हैं। जूलियन लीसर ने इसे “व्यावहारिक समाधान” बताया और कहा कि सरकार को बिना देर किए कार्रवाई करनी चाहिए।
नौरू पहले भी ऑस्ट्रेलिया की डिटेंशन नीति का हिस्सा रहा है। यहां शरणार्थियों और अवैध प्रवासियों को अस्थायी रूप से रखा जाता रहा है। सरकार का कहना है कि यही व्यवस्था अब फिर से अपनाई जाएगी।
इस घटनाक्रम से साफ है कि ऑस्ट्रेलिया अप्रवासन नीतियों पर और सख्त रवैया अपनाने जा रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में और बहस का विषय बनेगा।