ऑस्ट्रेलियाई स्टार्ट-अप्स को विदेश पलायन से रोकने के लिए सरकार की नई पहल

ऑस्ट्रेलियाई स्टार्ट-अप्स को विदेश पलायन से रोकने के लिए सरकार की नई पहल

सिडनी।
ऑस्ट्रेलिया से लगातार बड़ी संख्या में स्टार्ट-अप्स के विदेश पलायन पर चिंता जताते हुए प्रतिस्पर्धा व उत्पादकता के सहायक मंत्री एंड्रयू ली ने कहा कि अब समय आ गया है कि देश अपने नवोन्मेषी उद्यमों को मजबूत समर्थन दे।

यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, सिडनी में होने वाले Ecosystem Startup Leaders Lunch कार्यक्रम में वे स्टार्ट-अप संस्थापकों से सीधे विचार-विमर्श करेंगे। डॉ. ली का कहना है कि ऑस्ट्रेलियाई उद्यमियों में कभी भी विचारों और मेहनत की कमी नहीं रही, लेकिन घरेलू नीतिगत बाधाओं के कारण छोटे व्यवसायों का बड़ा रूप लेना कठिन हो जाता है और वे मजबूरन विदेश का रुख करते हैं।

स्टार्ट-अप्स के पलायन की चिंता

ऑस्ट्रेलियन कंप्यूटर सोसाइटी (ACS) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीते 20 सालों में करीब 11,000 स्टार्ट-अप्स ऑस्ट्रेलिया छोड़कर विदेश चले गए। इसका मुख्य कारण है – रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) में कम निवेश, सरकारी समर्थन की कमी और स्थानीय स्तर पर नवाचारों को अपनाने की दर बहुत कम होना।

डॉ. ली का कहना है कि सरकार यह समझना चाहती है कि किन नियमों को सरल किया जाए, कहाँ थोड़े से सार्वजनिक निवेश से बड़े निजी प्रयास खुल सकते हैं और कैसे पारदर्शिता से व्यवहार में सुधार लाया जा सकता है।

विश्वविद्यालयों और उद्योग की भूमिका

उन्होंने विश्वविद्यालयों से भी आह्वान किया कि वे केवल शोध तक सीमित न रहें बल्कि “सह-संस्थापक” की भूमिका निभाएँ।
“अच्छे शोध पत्र लिखना काफी नहीं है, असली सवाल है—ग्राहक कौन है। हमें विश्वविद्यालयों को स्टार्ट-अप्स के साथ मिलकर प्रयोगशालाएँ, वेंचर टीमें और स्पष्ट बौद्धिक संपदा ढाँचे बनाने होंगे,” उन्होंने कहा।

इसके अलावा, डॉ. ली ने बड़े उद्योगों से आग्रह किया कि वे भी रिसर्च और डेवलपमेंट की ज़िम्मेदारी साझा करें। उन्होंने कहा कि प्रोटोटाइप से प्रोडक्ट तक पहुँचने का कठिन काम तभी संभव होगा जब कंपनियाँ ग्राहकों के साथ मिलकर अधिक निवेश करें।

व्यापारिक जगत की मांग

व्यापारिक संगठनों ने भी लंबे समय से सरकार से R&D निवेश बढ़ाने की मांग की है।

  • बिजनेस काउंसिल ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने 18.5% का मानकीकृत टैक्स ऑफसेट देने और $150 मिलियन की खर्च सीमा हटाने का प्रस्ताव रखा है।

  • वहीं, ऑस्ट्रेलियन एकेडमी ऑफ साइंस ने सुझाव दिया कि 100 मिलियन डॉलर से अधिक टर्नओवर वाली कंपनियों को कम से कम 0.5% R&D पर खर्च करना अनिवार्य किया जाए, अन्यथा उन पर लेवी लगाई जाए।