ऑस्ट्रेलियाई राजनयिकों के परिवारों को इज़राइल और लेबनान छोड़ने का निर्देश

ऑस्ट्रेलियाई राजनयिकों के परिवारों को इज़राइल और लेबनान छोड़ने का निर्देश

कैनबरा/तेल अवीव/बेरूत। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ऑस्ट्रेलिया सरकार ने इज़राइल और लेबनान में तैनात अपने राजनयिकों के परिवारों को तत्काल प्रभाव से वहां से निकलने का निर्देश दिया है। यह कदम क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति के लगातार बिगड़ने और संभावित सैन्य टकराव की आशंका को देखते हुए उठाया गया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह निर्देश एहतियातन जारी किया गया है ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि राजनयिक मिशन सामान्य रूप से कार्य करते रहेंगे, लेकिन कर्मचारियों के परिजनों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।

इस बीच, संयुक्त राज्य अमेरिका ने भी मध्य पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति को उल्लेखनीय रूप से बढ़ा दिया है। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में पिछले कई दशकों की तुलना में सबसे अधिक सैन्य संसाधन तैनात किए जा रहे हैं। अमेरिकी प्रशासन का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब जिनेवा में ईरान के साथ महत्वपूर्ण कूटनीतिक वार्ता की तैयारी चल रही है।

विश्लेषकों का मानना है कि एक ओर जहां कूटनीतिक समाधान की कोशिशें जारी हैं, वहीं दूसरी ओर संभावित तनाव को देखते हुए सैन्य तैयारियां भी की जा रही हैं। इज़राइल और लेबनान की सीमा पर पहले से ही तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता की आशंका और बढ़ गई है।

ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने अपने नागरिकों से भी अपील की है कि वे स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और अनावश्यक यात्रा से बचें। विदेश मंत्रालय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कदम उठाए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया है।

मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में जिनेवा वार्ता के परिणाम क्षेत्र की स्थिरता के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।