ऑस्ट्रेलिया ने रूस की नाटो हवाई क्षेत्र में घुसपैठ पर जताई कड़ी आपत्ति

ऑस्ट्रेलिया ने रूस की नाटो हवाई क्षेत्र में घुसपैठ पर जताई कड़ी आपत्ति

ऑस्ट्रेलिया ने रूस के परमाणु-सक्षम लड़ाकू विमानों द्वारा एस्तोनिया के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ को “खतरनाक और उकसाने वाला कदम” बताया है। यह घटना पिछले हफ्ते हुई जब तीन रूसी मिग-31 लड़ाकू विमान 12 मिनट तक एस्तोनियाई क्षेत्र में रहे।

यूरोपीय देशों में बढ़ी चिंता

यूरोपीय अधिकारियों के अनुसार, स्वीडन के लड़ाकू विमानों ने रूसी विमानों को बाहर खदेड़ा। इससे पहले, पोलैंड को भी अपने हवाई क्षेत्र में घुसे रूसी ड्रोन गिराने पड़े थे, जिसके कारण हवाई अड्डों को बंद करना पड़ा। दोनों देश नाटो के सदस्य हैं, और यह घटनाएं यूरोप में बढ़ते तनाव को दर्शाती हैं।

ऑस्ट्रेलिया का कड़ा बयान

ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए कहा कि रूस की “लापरवाह हरकतें पूरे क्षेत्र को संघर्ष की ओर धकेल रही हैं।” विदेश मंत्री पेनी वोंग ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान यूरोपीय संघ की वरिष्ठ राजनयिक काया कैलास से मुलाकात कर एस्तोनिया और यूक्रेन के प्रति ऑस्ट्रेलिया के समर्थन की पुन: पुष्टि की।

उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा – “ऑस्ट्रेलिया एस्तोनिया के हवाई क्षेत्र के उल्लंघन और यूक्रेन पर हमलों की निंदा करता है। हमने यूरोपीय साझेदारों के साथ मिलकर शांति और स्थिरता की बहाली के प्रयासों को समर्थन देने का संकल्प जताया है।”

रूस का इनकार

वहीं, रूस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि एस्तोनिया के दावों का कोई सबूत नहीं है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इसे “तनाव बढ़ाने की एक कोशिश” करार दिया।

वैश्विक तनाव के बीच गंभीर संकेत

यह घटना ऐसे समय हुई है जब दुनिया भर के नेता संयुक्त राष्ट्र महासभा में इकट्ठा हुए हैं और रूस-यूक्रेन युद्ध पर गहरी चिंता जता रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस की यह कार्रवाई नाटो और उसके सहयोगियों को सीधे चुनौती देने जैसी है, जो आने वाले समय में गंभीर भू-राजनीतिक संकट का रूप ले सकती है।