इज़राइली राष्ट्रपति के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर कड़ा सुरक्षा घेरा

एनएसडब्ल्यू सरकार ने यात्रा को ‘मेजर इवेंट’ घोषित किया, पुलिस को मिले विशेष अधिकार

इज़राइली राष्ट्रपति के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर कड़ा सुरक्षा घेरा

ऑस्ट्रेलिया में इज़राइल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग के आगामी दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। न्यू साउथ वेल्स सरकार ने राष्ट्रपति की यात्रा को “मेजर इवेंट” घोषित करते हुए राज्य पुलिस को असाधारण अधिकार प्रदान किए हैं। यह निर्णय संभावित विरोध प्रदर्शनों और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने इस दौरे का समर्थन करते हुए कहा कि राष्ट्रपति हर्ज़ोग की यात्रा दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि ऑस्ट्रेलिया लोकतांत्रिक मूल्यों, आपसी सम्मान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के सिद्धांतों के तहत अपने साझेदार देशों से संवाद बनाए रखता है।

वहीं, न्यू साउथ वेल्स के मुख्यमंत्री क्रिस मिंस ने कहा कि “मेजर इवेंट” की घोषणा एक एहतियाती कदम है। इसके तहत पुलिस को भीड़ नियंत्रण, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी, तलाशी और कुछ सार्वजनिक क्षेत्रों में आवाजाही सीमित करने जैसे अतिरिक्त अधिकार दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन शक्तियों का उद्देश्य किसी विशेष समूह को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

हालांकि, इस फैसले को लेकर नागरिक अधिकार संगठनों और कुछ विपक्षी नेताओं ने चिंता व्यक्त की है। उनका तर्क है कि विशेष पुलिस शक्तियों का प्रयोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लोकतांत्रिक अधिकार को प्रभावित कर सकता है। आलोचकों ने सरकार से यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि सुरक्षा उपायों के नाम पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश न लगे।

सरकार ने इन आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा है कि सभी सुरक्षा प्रबंध अस्थायी हैं और केवल राष्ट्रपति की यात्रा की अवधि तक सीमित रहेंगे। अधिकारियों के अनुसार, किसी भी कार्रवाई में कानून और मानवाधिकार मानकों का पालन किया जाएगा।

राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय माहौल संवेदनशील बना हुआ है। इस पृष्ठभूमि में, ऑस्ट्रेलिया में भी इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी बहस देखने को मिल रही है।