सिडनी: एक समय में हवा में उड़ने वाला सबसे बड़ा और शानदार यात्री विमान एयरबस A380, अब अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के लिए मुसीबत का कारण बनता जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख एयरलाइन Qantas को हाल ही में अपने A380 बेड़े में लगातार तकनीकी खामियों का सामना करना पड़ा है, जिससे कई उड़ानें प्रभावित हुईं।
कोविड-19 महामारी के बाद जब अंतरराष्ट्रीय यात्रा ने तेजी से रफ्तार पकड़ी, तो A380 विमानों की वापसी भी हुई। कई एयरलाइंस ने पुराने विमानों को फिर से सेवा में लाया, क्योंकि एक बार में अधिक यात्रियों को ले जाना उनके लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद लगा। लेकिन अब यही विमान भारी रखरखाव लागत और खराबी की वजह से बोझ बनते जा रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, A380 की मरम्मत में अधिक समय, विशेष उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ की ज़रूरत होती है। इसके अलावा, इसके पुर्जों की उपलब्धता भी सीमित होती जा रही है, क्योंकि Airbus ने पहले ही इस मॉडल का उत्पादन बंद कर दिया है।
Qantas अकेली ऐसी एयरलाइन नहीं है जिसे इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ब्रिटिश एयरवेज़, सिंगापुर एयरलाइंस और एमिरेट्स जैसी बड़ी कंपनियां भी A380 को चालू रखने में मुश्किलें महसूस कर रही हैं।
भविष्य की ओर देखते हुए, विमानन क्षेत्र अब छोटे, अधिक ईंधन-किफायती और लचीले विमानों की ओर बढ़ रहा है।
हालांकि यात्रियों के लिए A380 की उड़ान आज भी आराम और सुविधा से भरपूर होती है, लेकिन एयरलाइंस के लिए यह "उड़ता हुआ बोझ" बनता जा रहा है।