ऑस्ट्रेलिया में चार-दिवसीय कार्य सप्ताह की दिशा में बड़ा कदम

तस्मानिया के लौंसेस्टन सिटी काउंसिल ने सैद्धांतिक सहमति दी

ऑस्ट्रेलिया में चार-दिवसीय कार्य सप्ताह की दिशा में बड़ा कदम

ऑस्ट्रेलिया के तस्मानिया राज्य में स्थित लौंसेस्टन सिटी काउंसिल ने चार-दिवसीय कार्य सप्ताह को लेकर ऐतिहासिक कदम उठाया है। प्रस्ताव के अनुसार, कर्मचारियों को सप्ताह में चार दिन काम करना होगा, जबकि वेतन पाँच दिन के बराबर ही मिलेगा।

इस प्रस्ताव के तहत लगभग 600 पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी शामिल होंगे। कर्मचारी अगले महीने इस नए एंटरप्राइज़ एग्रीमेंट पर मतदान करेंगे। यदि बहुमत से यह प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो लौंसेस्टन सिटी काउंसिल ऐसा करने वाला ऑस्ट्रेलिया का पहला सरकारी निकाय बन जाएगा जो 100 प्रतिशत वेतन के साथ चार-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करेगा।

काउंसिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैम जॉनसन ने इसे आधुनिक कार्य संस्कृति की दिशा में “साहसिक और प्रगतिशील कदम” बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य, उत्पादकता और सार्वजनिक क्षेत्र में स्थिरता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

उनके अनुसार,
“चार-दिवसीय कार्य सप्ताह न केवल कर्मचारियों के जीवन-संतुलन को बेहतर बनाएगा, बल्कि समुदाय को दी जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार करेगा।”

हालांकि, इस फैसले पर व्यापारिक संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। तस्मानिया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (TCCI) के मुख्य कार्यकारी माइकल बेली ने चिंता जताते हुए कहा कि यह निर्णय व्यावहारिक नहीं है।

उन्होंने सवाल उठाया,
“कम घंटे काम करने पर वही वेतन कौन चुकाएगा? यह वास्तव में 20 प्रतिशत कम काम के बदले 20 प्रतिशत अधिक वेतन जैसा है।”

बेली का कहना है कि यदि अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती नहीं की गई, तो योजना अनुमोदन, परमिट और अन्य प्रशासनिक कार्यों में देरी हो सकती है, जिसका सीधा असर आम जनता और निवेश पर पड़ेगा। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि दरों, शुल्कों और टैक्स में बढ़ोतरी का बोझ अंततः नागरिकों पर आएगा।

वहीं, ऑस्ट्रेलियन सर्विसेज यूनियन (ASU) की तस्मानियाई शाखा ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। यूनियन की सचिव टैश वार्क ने कहा कि अधिकांश सदस्य इस समझौते के पक्ष में हैं और यह कदम कर्मचारियों को आकर्षित करने व बनाए रखने में मदद करेगा।

यदि कर्मचारियों की मंज़ूरी मिलती है, तो यह समझौता फेयर वर्क कमीशन को भेजा जाएगा। अंतिम स्वीकृति के बाद नया कार्य-सप्ताह जुलाई 2026 से लागू किया जाएगा।