कैनबरा।
ऑस्ट्रेलियाई संपत्ति बाज़ार आने वाले दशकों में जलवायु परिवर्तन की मार झेलेगा। देश की पहली क्लाइमेट रिस्क असेसमेंट रिपोर्ट के अनुसार बढ़ते तापमान, समुद्र-स्तर में वृद्धि और प्राकृतिक आपदाओं के कारण सैकड़ों अरब डॉलर की संपत्ति मूल्य में कमी आने वाली है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि यदि वैश्विक तापमान 3 डिग्री तक बढ़ता है और उत्सर्जन का स्तर उच्चतम स्थिति पर पहुँचता है, तो अगले पाँच वर्षों में ही ऑस्ट्रेलियाई प्रॉपर्टी मार्केट से लगभग 571 अरब डॉलर की कीमत मिट जाएगी।
रिपोर्ट के अनुसार साल 2050 तक यह घाटा बढ़कर 611 अरब डॉलर पहुँच जाएगा। वहीं, सदी के अंत तक यानी वर्ष 2100 तक नुकसान की यह राशि 770 अरब डॉलर तक पहुँच सकती है।
ऑस्ट्रेलियाई परिवारों की संपत्ति का दो-तिहाई हिस्सा प्रॉपर्टी में निवेशित है। वर्तमान में देश की कुल प्रॉपर्टी वैल्यू करीब 11.5 ट्रिलियन डॉलर आँकी गई है। ऐसे में जलवायु संकट से होने वाली यह गिरावट न केवल अर्थव्यवस्था पर गहरी चोट करेगी, बल्कि आम नागरिकों की बचत और भविष्य की सुरक्षा पर भी बड़ा असर डालेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उत्सर्जन कम करने और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में यह आर्थिक झटका और गंभीर हो सकता है।