पटना: विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में नीतीश कुमार की सरकार ने बुधवार को कई बड़े फैसले किए, जिन्हें राजनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है। कैबिनेट ने राज्य के जेपी सेनानियों का पेंशन दोगुना करने के साथ ही मुंगेर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और सहरसा में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट निर्माण के लिए सर्वे की स्वीकृति दी।
लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में 18 मार्च 1974 से 21 मार्च 1977 तक चले आंदोलन में मिसा या DIR के तहत जेल में बंद रहे लोगों को जेपी सेनानी का दर्जा प्राप्त है। मौजूदा समय में इन सेनानियों को ₹7,500 और ₹15,000 मासिक पेंशन मिलती थी, जिसे अब दोगुना कर क्रमशः ₹15,000 और ₹30,000 कर दिया गया है।
कैबिनेट ने मुंगेर, मुजफ्फरपुर, सहरसा और भागलपुर में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट निर्माण के लिए OLS सर्वे कराने का फैसला लिया। इसके लिए ₹2 करोड़ 90 लाख 91 हजार 720 रुपये की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा गया जी हवाई अड्डे का विस्तारीकरण भी मंजूर हुआ, जिसके तहत 18.2442 एकड़ भूमि का अधिग्रहण होगा और कैट-वन लाइटिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे खराब मौसम और धुंध में भी विमानों की लैंडिंग संभव होगी।
पटना के पुनपुन पिंडदान स्थल पर लक्ष्मण झूला शैली का सस्पेंशन पुल बनाने के लिए ₹82 करोड़ 90 लाख 48 हजार रुपये का बजट स्वीकृत किया गया। साथ ही अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर निर्माण को भी तेज गति से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
इन फैसलों को आगामी चुनावी माहौल में नीतीश सरकार का एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जो सामाजिक और बुनियादी ढांचे दोनों मोर्चों पर असर डाल सकता है।