पटना। बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच चुनाव आयोग ने हाल ही में राज्य की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की थी। लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि सूची जारी हुए पूरे नौ दिन बीत जाने के बाद भी किसी भी राजनीतिक दल ने इस पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई है।
आमतौर पर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद दलों की ओर से नामों में गड़बड़ी, दोहराव या मतदाता पहचान संबंधी दावों-आपत्तियों का दौर शुरू हो जाता है। लेकिन इस बार सूबे की राजनीति में असामान्य सन्नाटा है। न ruling alliance ने कोई प्रतिक्रिया दी है, न विपक्षी दलों ने।
चुनाव आयोग ने सभी जिलों में बूथ स्तर पर मतदाताओं की जांच और संशोधन के लिए समय निर्धारित किया है, लेकिन अभी तक आपत्तियों का शून्य रिकॉर्ड दर्ज हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह चुप्पी या तो दलों की रणनीतिक चुप्पी है या फिर वे अभी अपने स्तर पर सूचियों की जांच में जुटे हैं।
वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन आयोग तय समय पर करेगा। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में राजनीतिक दल इस पर सक्रिय होते हैं या चुप्पी ही बनी रहती है।