रिचर्ड व्हाइट पर नए आरोप: पूर्व चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर ने लगाया 'कवर-अप' और गलत बर्खास्तगी का आरोप

रिचर्ड व्हाइट पर नए आरोप: पूर्व चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर ने लगाया 'कवर-अप' और गलत बर्खास्तगी का आरोप

सिडनी – अरबपति उद्यमी और पूर्व WiseTech Global प्रमुख रिचर्ड व्हाइट एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। पूर्व कीकर (Kyckr) कंपनी की चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) रेबेका ग्लोवर ने उन पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक नया गलत बर्खास्तगी (Wrongful Dismissal) का दावा किया है।

रेबेका ग्लोवर का कहना है कि उन्हें जानबूझकर कंपनी से बाहर किया गया और यह सब एक "कवर-अप" योजना का हिस्सा था, जिससे कंपनी की आंतरिक खामियों और निर्णयों को छुपाया जा सके। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रिचर्ड व्हाइट, जो कीकर में एक प्रमुख भूमिका निभा रहे थे, इस पूरे घटनाक्रम के 'कंट्रोलिंग माइंड' (नियंत्रणकारी दिमाग) थे।

ग्लोवर का दावा है कि कंपनी के भीतर तकनीकी रणनीति और प्रबंधन में गंभीर खामियां थीं, जिनकी ओर उन्होंने कई बार ध्यान दिलाया, लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज कर दिया गया। इसके बाद उन्हें अचानक बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि कीकर के भीतर पारदर्शिता की कमी और नेतृत्व में दोष ने न केवल उनके करियर को प्रभावित किया, बल्कि यह शेयरधारकों और कर्मचारियों के हितों के साथ भी अन्याय है।

रिचर्ड व्हाइट की ओर से इस मामले में अब तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया है, लेकिन यह विवाद उनके लिए एक और कानूनी और नैतिक चुनौती लेकर आया है।

कीकर एक ऑस्ट्रेलियाई टेक कंपनी है, जो बिज़नेस वेरिफिकेशन और कॉर्पोरेट डेटा सेवाएं प्रदान करती है। व्हाइट ने 2022 में इस कंपनी में निवेश किया था और उसका अधिग्रहण भी किया था।

यह मामला अब न्यायालय में है और आने वाले हफ्तों में इसकी सुनवाई की संभावना है।