बॉन्डी जंक्शन चाकू हमले की जांच पूरी, वीर पुलिस अधिकारी की सराहना

मानसिक स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की सिफारिश, हमलावर के इलाज की होगी समीक्षा

बॉन्डी जंक्शन चाकू हमले की जांच पूरी, वीर पुलिस अधिकारी की सराहना

 सके।

सिडनी। बॉन्डी जंक्शन वेस्टफील्ड शॉपिंग सेंटर में हुए भीषण चाकू हमले की न्यायिक जांच (कोरोनियल इनक्वेस्ट) औपचारिक रूप से समाप्त हो गई है। जांच रिपोर्ट में न्यू साउथ वेल्स पुलिस की इंस्पेक्टर एमी स्कॉट की असाधारण बहादुरी की प्रशंसा की गई है, जिनकी त्वरित कार्रवाई के कारण बड़ी संख्या में लोगों की जान बच सकी।

कोरोनर ने अपनी अंतिम रिपोर्ट में कहा कि इंस्पेक्टर स्कॉट ने अत्यंत जोखिम भरी परिस्थिति में अकेले ही हमलावर जोएल काउची का सामना किया और उसे मार गिराया। रिपोर्ट में कहा गया कि यदि पुलिस की यह कार्रवाई समय पर नहीं होती, तो जनहानि और अधिक गंभीर हो सकती थी। इस साहसिक कार्य के लिए उन्हें आधिकारिक वीरता पुरस्कार देने की सिफारिश की गई है।

कैंसर से पीड़ित होने के बावजूद निभाया कर्तव्य

रिपोर्ट में विशेष रूप से यह उल्लेख किया गया है कि इंस्पेक्टर एमी स्कॉट को पिछले वर्ष कैंसर का पता चला था, इसके बावजूद उन्होंने अपने पेशेवर कर्तव्यों को पूरी निष्ठा, साहस और मानसिक दृढ़ता के साथ निभाया। कोरोनर ने इसे “असाधारण कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण” बताया।

हमलावर की मानसिक स्थिति पर गंभीर सवाल

जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि हमलावर जोएल काउची लंबे समय से गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित था और उसका इलाज चल रहा था। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि उसके उपचार, निगरानी और जोखिम मूल्यांकन में गंभीर खामियां रहीं।

इन्हीं खामियों को ध्यान में रखते हुए कोरोनर ने हमलावर के चिकित्सक को संबंधित चिकित्सा निगरानी संस्था (मेडिकल वॉचडॉग) के पास संदर्भित करने का निर्देश दिया है, ताकि यह जांच की जा सके कि क्या उपचार में लापरवाही या पेशेवर चूक हुई थी।

मानसिक स्वास्थ्य सुधार की आवश्यकता

इनक्वेस्ट रिपोर्ट में न्यू साउथ वेल्स सहित पूरे देश की मानसिक स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि गंभीर मानसिक रोगियों की पहचान, उनके निरंतर इलाज और विभिन्न राज्यों के बीच सूचना साझा करने की प्रणाली कमजोर है।

कोरोनर ने चेतावनी दी कि यदि मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में ठोस और व्यावहारिक सुधार नहीं किए गए, तो भविष्य में ऐसी त्रासद घटनाओं को रोक पाना मुश्किल होगा।

सरकार से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा

रिपोर्ट में राज्य और संघीय सरकारों से आग्रह किया गया है कि वे मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध कराएं, जोखिम वाले मरीजों की निगरानी प्रणाली को मजबूत करें और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें।

बॉन्डी जंक्शन की यह घटना न केवल एक दुखद आपराधिक मामला है, बल्कि यह समाज और शासन व्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। इनक्वेस्ट की सिफारिशें भविष्य में जनसुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में अहम मानी जा रही हैं।