कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया के ऊर्जा मंत्री क्रिस बोवेन ने देश की जलवायु नीति का जोरदार बचाव करते हुए कहा है कि आने वाले दशक में अगर सख्त कदम नहीं उठाए गए तो राष्ट्रीय समृद्धि खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने पवन और सौर ऊर्जा का विरोध करने वालों पर निशाना साधते हुए साफ किया कि सरकार हर तरह के "ग्रीन शोर" को दरकिनार कर अपने जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बोवेन ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा भविष्य के लिए आवश्यक है और यह केवल पर्यावरण की नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था की मजबूती की भी कुंजी है। उनके अनुसार, नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और नवाचार से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऑस्ट्रेलिया की प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर जलवायु परिवर्तन के खिलाफ ठोस कदम उठाने में देरी की गई, तो इसके परिणाम देश की कृषि, उद्योग और जीवन-स्तर पर गंभीर रूप से असर डालेंगे। बोवेन ने कहा, “यह समय है स्पष्ट फैसले लेने का। आलोचनाओं और शोर में खोने के बजाय हमें साफ ऊर्जा की राह पर मजबूती से चलना होगा।”
मंत्री का यह बयान उस समय आया है जब ऑस्ट्रेलिया में कोयला और गैस उद्योग के भविष्य को लेकर तीखी बहस जारी है। विपक्षी दल और कुछ औद्योगिक समूह जहां जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता बनाए रखने की वकालत कर रहे हैं, वहीं बोवेन और सरकार का रुख साफ है कि नवीकरणीय ऊर्जा ही सतत विकास और समृद्धि का रास्ता है।