क्वींसलैंड/कैनबरा।
ऑस्ट्रेलिया में ब्रीसबेन 2032 ओलंपिक खेलों के लिए बहुप्रतीक्षित स्टेडियम और खेल अवसंरचना सौदे पर आखिरकार हस्ताक्षर हो गए हैं। राज्य (क्वींसलैंड) और संघीय सरकार ने कुल 7.1 बिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की लागत वाले इस मेगा प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। हालांकि सौदे पर कई सख़्त शर्तें भी लगाई गई हैं, ताकि खर्च में पारदर्शिता बनी रहे और लागत अनियंत्रित न हो।
समझौते के अनुसार संघीय सरकार 3.435 बिलियन डॉलर का निवेश करेगी। इसमें से लगभग 1.2 बिलियन डॉलर विक्टोरिया पार्क में बनने वाले 63,000 सीट वाले नए मुख्य स्टेडियम पर खर्च होंगे। शेष 3.67 बिलियन डॉलर का भार क्वींसलैंड सरकार उठाएगी। सरकारें यह भी सुनिश्चित करेंगी कि किसी भी तरह की लागत बढ़ौतरी (Cost Overrun) का बोझ राज्य सरकार पर ही रहेगा।
फंडिंग को किस्तों में जारी करने का प्रावधान रखा गया है। हर निर्माण मीलस्टोन (Milestone) पूरा होने के बाद ही अगली किस्त मिलेगी। इसके अलावा परियोजना की हर दो साल में समीक्षा की जाएगी और सरकारों को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
समझौते में यह भी तय किया गया है कि स्टेडियम और उससे जुड़ी सुविधाओं को अगले 25 वर्षों तक न तो बेचा जा सकेगा और न ही लंबे पट्टे (Lease) पर दिया जा सकेगा, जब तक संघीय सरकार इसकी मंज़ूरी न दे। यह प्रावधान करदाताओं के पैसे की सुरक्षा के लिए रखा गया है।
2026 से निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इसके तहत 17 खेल स्थलों को नया रूप दिया जाएगा या अपग्रेड किया जाएगा। इसमें राष्ट्रीय तैराकी केंद्र और अन्य खेल परिसर भी शामिल हैं। हालांकि निर्माण उद्योग ने पहले ही आगाह किया है कि श्रमिकों की कमी और लागत बढ़ने का खतरा परियोजना को प्रभावित कर सकता है।
सरकार का कहना है कि यह सौदा केवल 2032 ओलंपिक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्वींसलैंड और पूरे ऑस्ट्रेलिया के लिए एक पीढ़ीगत अवसंरचना विरासत (Generational Legacy) बनेगा। योजना के तहत स्थानीय समुदाय की भागीदारी और हरित क्षेत्रों (Green Spaces) के संरक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार यह सौदा ऑस्ट्रेलियाई इतिहास में खेलों से जुड़ा सबसे बड़ा संघीय निवेश है। सरकारों को उम्मीद है कि यह परियोजना न सिर्फ़ खेलों के दौरान, बल्कि आने वाले दशकों तक रोजगार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मज़बूती देगी।