कॉमनवेल्थ बैंक में 1 अरब डॉलर के संदिग्ध फर्जी होम लोन का खुलासा, जांच के लिए पुलिस की मदद ली

कॉमनवेल्थ बैंक में 1 अरब डॉलर के संदिग्ध फर्जी होम लोन का खुलासा, जांच के लिए पुलिस की मदद ली

सिडनी, 27 फरवरी 2026।
ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख बैंक कॉमनवेल्थ बैंक (CBA) ने लगभग 1 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के संदिग्ध फर्जी होम लोन का पता चलने के बाद मामले की जांच के लिए पुलिस की सहायता ली है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन ऋणों को हासिल करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार किए गए फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया गया।

सूत्रों के अनुसार, बैंक ने पिछले वर्ष अपने लोन पोर्टफोलियो की आंतरिक समीक्षा शुरू की थी। यह कदम उस समय उठाया गया जब एक आपराधिक गिरोह, जिसे “पेंटहाउस सिंडिकेट” के नाम से जाना जाता है, पर नेशनल ऑस्ट्रेलिया बैंक (NAB) से लगभग 150 मिलियन डॉलर की धोखाधड़ी कर लक्जरी संपत्तियां खरीदने का आरोप लगा था।

बताया जा रहा है कि CBA से जुड़े संदिग्ध फर्जी लोन का मामला “पेंटहाउस सिंडिकेट” से अलग हो सकता है, हालांकि जांच एजेंसियों ने दोनों मामलों के बीच संभावित संबंध से इनकार नहीं किया है। इस सिंडिकेट का कथित नेतृत्व पूर्व बैंक अधिकारी एंड्रयू हू द्वारा किए जाने की बात सामने आई थी।

हालांकि बैंक ने इतनी बड़ी राशि के संदिग्ध ऋणों की पुष्टि की है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि बैंक को फिलहाल कोई सीधा वित्तीय नुकसान नहीं हुआ है। ये सभी होम लोन संपत्तियों के बदले सुरक्षित (secured) हैं और उनकी किस्तें नियमित रूप से चुकाई जा रही हैं। जरूरत पड़ने पर संबंधित संपत्तियों को बेचकर बकाया राशि वसूली जा सकती है।

इस घटना ने बैंकिंग क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते उपयोग और उससे जुड़े जोखिमों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां AI तकनीक बैंकिंग सेवाओं को अधिक तेज और प्रभावी बना रही है, वहीं अपराधी भी इसी तकनीक का इस्तेमाल फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी के लिए कर रहे हैं।

इसी सप्ताह CBA ने तकनीकी सुधार और AI पर 90 मिलियन डॉलर के निवेश की योजना के तहत 300 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की थी। बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मैट कॉमिन ने कहा कि आने वाले समय में व्यवसायों और कर्मचारियों को AI की बड़ी भूमिका के लिए तैयार रहना होगा।

वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला ऑस्ट्रेलियाई बैंकिंग इतिहास की सबसे बड़ी संभावित धोखाधड़ी साबित हो सकता है। फिलहाल पुलिस और बैंक की आंतरिक टीमें मामले की गहन जांच में जुटी हैं।