ब्रिस्बेन। ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख वैज्ञानिक अनुसंधान संस्था CSIRO से जुड़े एक पीएचडी शोधार्थी को ऑस्ट्रेलिया डे के अवसर पर कथित आतंकी हमले की योजना बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी 24 वर्षीय सेपेहर सरयाज़दी शुक्रवार को ब्रिस्बेन की एक अदालत में पेश हुआ, जहाँ उस पर आतंकवाद से संबंधित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, आरोपी गोल्ड कोस्ट क्षेत्र में राष्ट्रीय दिवस के दौरान सार्वजनिक स्थानों को निशाना बनाने की कथित योजना बना रहा था। जांच में सामने आया है कि यह साजिश संभावित रूप से बड़े पैमाने पर जनहानि का कारण बन सकती थी। हालांकि, खुफिया एजेंसियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से इस कथित हमले को अंजाम देने से पहले ही विफल कर दिया गया।
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपी की गतिविधियाँ लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर थीं और उसके डिजिटल संचार व अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई। अभियोजन ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की।
वहीं, बचाव पक्ष के वकीलों ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनका मुवक्किल निर्दोष है और जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुँचना उचित नहीं होगा। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई की तारीख तय करते हुए आरोपी को हिरासत में रखने का आदेश दिया है।
इस घटना के बाद ऑस्ट्रेलिया में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेष रूप से राष्ट्रीय आयोजनों और सार्वजनिक समारोहों में पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों की मौजूदगी बढ़ा दी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति जारी रहेगी और किसी भी संभावित खतरे से सख्ती से निपटा जाएगा।
गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया डे देश का एक प्रमुख राष्ट्रीय पर्व है, जिसे पूरे देश में बड़े पैमाने पर मनाया जाता है। ऐसे में इस तरह की कथित साजिश का सामने आना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक गंभीर चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।