कैनबरा: ऑस्ट्रेलियाई ट्रेज़रर जिम चाल्मर्स ने एक बड़ा कदम उठाते हुए ASX (Australian Securities Exchange) की 38 साल पुरानी एकाधिकार स्थिति को तोड़ने की घोषणा की है। इस ऐतिहासिक निर्णय का उद्देश्य अरबों डॉलर के निवेश को आकर्षित कर लेबर सरकार की प्रमुख नीतियों – स्वच्छ ऊर्जा, किफायती आवास और तकनीकी क्षेत्र – को मजबूती देना है।
सरकार का मानना है कि ASX पर एकाधिकार की वजह से बाजार में प्रतिस्पर्धा की कमी रही है, जिससे नवाचार और निवेश प्रवाह प्रभावित हुआ है। नई योजना के तहत, वैकल्पिक एक्सचेंज प्लेटफॉर्म को अधिक स्वतंत्रता और प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे छोटे और मध्यम उद्यमों को पूंजी जुटाने में आसानी होगी।
चाल्मर्स ने कहा, “हमारी अर्थव्यवस्था को आधुनिक बनाने और अवसरों को सबके लिए सुलभ बनाने के लिए पूंजी बाजारों में प्रतिस्पर्धा आवश्यक है। यह कदम निवेशकों को बेहतर विकल्प देगा और लेबर की प्राथमिकताओं – जैसे हरित ऊर्जा, डिजिटल नवाचार और सामाजिक आवास – को गति देगा।”
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला विदेशी निवेशकों के लिए भी ऑस्ट्रेलिया को अधिक आकर्षक बनाएगा। इससे न केवल बड़ी कंपनियों, बल्कि उभरते स्टार्टअप्स और पर्यावरणीय परियोजनाओं को भी वित्तीय समर्थन मिलेगा।
यह कदम ऐसे समय पर आया है जब सरकार अपने "फ्यूचर मेड इन ऑस्ट्रेलिया" विज़न को साकार करने में जुटी है, जिसमें घरेलू उत्पादन, टिकाऊ विकास और तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना प्रमुख उद्देश्य हैं।
अब देखना यह होगा कि वित्तीय बाजारों में यह बदलाव किस गति से आता है और क्या यह वास्तव में लेबर की नीतियों को ज़मीन पर उतारने में सहायक साबित होगा।