चीन परिवहन तकनीक के क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाने जा रहा है। देश में इसी साल यानी 2026 में पहली बार उड़ने वाली कारों की व्यावसायिक डिलीवरी शुरू होने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन की कई कंपनियां इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग (eVTOL) तकनीक पर आधारित फ्लाइंग कारों को बाजार में उतारने की तैयारी पूरी कर चुकी हैं।
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, चीन में उड़ने वाली कारों के व्यावसायिक संचालन को लेकर सरकार का रुख सकारात्मक है। शंघाई, शेन्ज़ेन और चोंगकिंग जैसे बड़े शहरों की स्थानीय सरकारें लो-एल्टीट्यूड एयर ट्रैवल से जुड़े नियमों में ढील देने की योजना बना रही हैं, जिससे एयर टैक्सी और फ्लाइंग कार सेवाओं का रास्ता साफ हो सकता है।
साल के अंत तक डिलीवरी की तैयारी
कंसल्टिंग फर्म CCID के मुताबिक, चीन में उड़ने वाली कारें बनाने वाली सात कंपनियां साल 2026 के अंत तक अपने वाहनों की डिलीवरी शुरू कर सकती हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि फ्लाइंग कारें अब सिर्फ प्रयोग या प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि आम यात्रियों के लिए भी जल्द उपलब्ध हो सकती हैं।
हजारों प्री-ऑर्डर पहले ही मिल चुके
चीन की सरकारी वाहन निर्माता कंपनी GAC की फ्लाइंग कार यूनिट GOVY ने दावा किया है कि उसे अपनी फ्लाइंग कार के लिए अब तक 2,000 से ज्यादा प्री-ऑर्डर मिल चुके हैं। इन ऑर्डर्स की कुल कीमत करीब 3.3 बिलियन युआन (लगभग 474 मिलियन अमेरिकी डॉलर) बताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में मिले ऑर्डर इस बात का संकेत हैं कि फ्लाइंग कारों का व्यावसायिक संचालन उम्मीद से कहीं पहले शुरू हो सकता है।
AirCab: चीन की पहली बड़े पैमाने पर बनी फ्लाइंग कार
GOVY की फ्लाइंग कार का नाम AirCab है, जिसे चीन की पहली बड़े पैमाने पर उत्पादित उड़ने वाली कार माना जा रहा है। यह पूरी तरह इलेक्ट्रिक है और वर्टिकल टेक-ऑफ व लैंडिंग में सक्षम है।
AirCab की प्री-बुकिंग कीमत 1.68 से 1.69 मिलियन युआन के बीच रखी गई है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 2.15 करोड़ रुपये के बराबर है।
भविष्य की शहरी यात्रा की झलक
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि नियामक मंजूरी और बुनियादी ढांचा समय पर तैयार हो जाता है, तो आने वाले वर्षों में चीन के बड़े शहरों में उड़ने वाली कारें ट्रैफिक की समस्या का बड़ा समाधान बन सकती हैं। चीन का यह कदम दुनिया भर के देशों के लिए भी शहरी हवाई परिवहन के क्षेत्र में एक नई दिशा तय कर सकता है।