चीन-पाकिस्तान की नई चाल: भारत को साइडलाइन करने के लिए दक्षिण एशिया में सार्क की जगह नया गुट बनाने की कोशिश

चीन-पाकिस्तान की नई चाल: भारत को साइडलाइन करने के लिए दक्षिण एशिया में सार्क की जगह नया गुट बनाने की कोशिश

दक्षिण एशिया में भारत की प्रभावशाली स्थिति को चुनौती देने के लिए चीन और पाकिस्तान ने एक नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। हाल ही में चीन के कुनमिंग शहर में आयोजित एक बहुपक्षीय बैठक के माध्यम से दोनों देशों ने सार्क (SAARC) की जगह एक नया क्षेत्रीय संगठन खड़ा करने की योजना बनाई है। इस बैठक में पाकिस्तान के अलावा अफगानिस्तान, नेपाल और श्रीलंका जैसे देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

सूत्रों के अनुसार, इस बैठक का उद्देश्य दक्षिण एशियाई देशों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के नाम पर भारत को दरकिनार कर एक वैकल्पिक मंच तैयार करना है। इस रणनीति को “चीन-पाकिस्तान दक्षिण एशिया संवाद मंच” (China-Pakistan South Asia Dialogue Forum) के रूप में आगे बढ़ाया जा सकता है।

भारत को घेरने की तैयारी?

विश्लेषकों का मानना है कि चीन और पाकिस्तान की यह पहल स्पष्ट रूप से भारत को दक्षिण एशिया में अलग-थलग करने की कोशिश है। चूंकि सार्क लंबे समय से निष्क्रिय है और भारत-पाक संबंध तनावपूर्ण रहे हैं, ऐसे में बीजिंग और इस्लामाबाद इस मौके का फायदा उठाकर एक नया तंत्र खड़ा करना चाहते हैं जिसमें भारत की भूमिका नगण्य हो।

कुनमिंग बैठक में क्या हुआ?

कुनमिंग में हुई इस बैठक में क्षेत्रीय संपर्क, व्यापार, इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। चीन ने बेल्ट ऐंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के तहत इन देशों को निवेश और कनेक्टिविटी का लालच भी दिया। पाकिस्तान ने इस मंच को दक्षिण एशिया के विकास का “नई दिशा” बताया, जबकि विशेषज्ञ इसे राजनीतिक साजिश मान रहे हैं।

भारत की प्रतिक्रिया

भारत सरकार ने अब तक इस पहल पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन कूटनीतिक हलकों में इस पर गहरी नजर रखी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह “सार्क को खत्म कर चीन-प्रायोजित गुट खड़ा करने की कोशिश” है, जो क्षेत्र में अस्थिरता को बढ़ा सकती है।