नई दिल्ली, 7 जुलाई 2025 —
दिल्ली हाईकोर्ट ने तुर्की की ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने केंद्र सरकार द्वारा कंपनी की सुरक्षा मंजूरी (Security Clearance) रद्द करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है।
न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की एकल पीठ ने सेलेबी की याचिका को "बिना मेरिट वाली" बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार को देश की सुरक्षा को लेकर चिंताएं जताने का वैधानिक और संप्रभु अधिकार है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार के इस फैसले में कोई अनुचित या दुर्भावनापूर्ण पहलू नजर नहीं आता, इसलिए इसमें हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता।
सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज एक तुर्की मूल की कंपनी है, जो भारत के कई प्रमुख एयरपोर्ट्स पर ग्राउंड हैंडलिंग सेवाएं प्रदान करती है। सरकार ने पिछले साल इसके सुरक्षा क्लीयरेंस को रद्द कर दिया था, जिससे इसका परिचालन प्रभावित हुआ। कंपनी ने इसे चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
याचिका में कंपनी ने दावा किया था कि सरकार ने पूर्वाग्रहपूर्ण तरीके से यह कदम उठाया है और इससे कंपनी के व्यावसायिक हितों को नुकसान हुआ है। लेकिन कोर्ट ने सरकार के रुख को संप्रभु अधिकार मानते हुए याचिका खारिज कर दी।
केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि सेलेबी को सुरक्षा मंजूरी देना राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से उचित नहीं था। गृह मंत्रालय और अन्य जांच एजेंसियों द्वारा उपलब्ध कराए गए इनपुट के आधार पर यह निर्णय लिया गया। कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए सरकार के फैसले को सही ठहराया।
इस फैसले के बाद सेलेबी की भारत में ग्राउंड हैंडलिंग सेवाओं पर बड़ा असर पड़ सकता है। खासकर दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर इसका संचालन अब संकट में है। कंपनी को अब नई सुरक्षा मंजूरी मिलने तक संचालन में अड़चन झेलनी पड़ सकती है।